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ई-नीलामी में खरीदी संपत्ति पर नहीं मिलेगा मालिकाना हक

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ग्रेटर नोएडा (नवीन कुमार)। जिला प्रशासन बिल्डरों की 382 करोड़ की संपत्ति की ई-नीलामी कराने की तैयारी कर रहा है, लेकिन नीलामी के बाद इस संपत्ति पर मालिकाना हक देना टेढ़ी खीर साबित होगा। दरअसल, प्रशासन ने बिल्डरों की जिन संपत्ति को कुर्क किया है। उनमें से ज्यादातर को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) या कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) नहीं मिला है। ऐसे में बिना ओसी और सीसी के खरीदार के नाम रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी।
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जिला प्रशासन उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) के रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) पर बिल्डरों से वसूली कर रहा है। प्रशासन के पास 600 करोड़ से अधिक की आरसी लंबित हैं। धनराशि नहीं देने पर प्रशासन अभी तक बिल्डरों की करीब 400 करोड़ की संपत्ति को कुर्क कर चुका है। नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण के साथ मिलकर प्रशासन इन संपत्ति को ई-नीलाम करेगा, लेकिन बिल्डरों की जिन संपत्ति को कुर्क किया गया है। उनमें से ज्यादातर को ओसी-सीसी नहीं मिला है। अगर ई-नीलामी में कोई खरीदार इन संपत्ति को खरीदता है तो उसे मालिकाना हक नहीं मिलेगा। ओसी-सीसी मिलने के बाद ही खरीदार के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री हो सकेगी।
यूपी रेरा के पूर्व सदस्य बलविंदर कुमार का कहना है कि ओसी या सीसी मिलने के बाद ही रजिस्ट्री हो सकती है। अगर किसी खरीदार ने ई-नीलामी में संपत्ति खरीदी है, लेकिन उसे ओसी या सीसी नहीं मिला है। इस स्थिति में खरीदार को ओसी-सीसी मिलने का इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद ही उनके नाम रजिस्ट्री हो सकती है।
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पहले ही रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं हजारों खरीदार
जिले में बड़ी संख्या में खरीदार रजिस्ट्री होने का इंतजार कर रहे हैं। बिल्डर ने बिना रजिस्ट्री के कब्जा दे दिया है। लंबे समय से खरीदार रजिस्ट्री कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्राधिकरण का बकाया नहीं देने के कारण रजिस्ट्री अटकी है।
कुल 311 संपत्ति को किया जा चुका है कुर्क
प्रशासन अभी तक 44 बिल्डरों की कुल 309 संपत्ति को कुर्क कर चुका है। इनमें 229 फ्लैट, 57 विला, दुकान, प्लॉट व अन्य संपत्तियां शामिल हैं। ज्यादातर संपत्ति ऐसे प्रोजेक्टों में है, जहां पर बिल्डर उनकी बिक्री नहीं कर पा रहा है। साथ ही, प्रोजेक्ट अधूरे हैं।
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