एक भाई और दो बहनों की मौत
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थाना ईकोटेक-3 के गांव कुलेसरा के मधुबन विहार में रहने वाले शिव सिंह के चार बच्चे थे, इनमें दो बेटे और दो बेटियां। अब सिर्फ एक बेटा शिवम ही बचा है। शिव सिंह के पड़ोसियों के मुताबिक परिवार ने शैली की शादी तय की थी। यह इनके परिवार में किसी बच्चे की पहली थी। इसके बाद सुरेंद्र सिंह की शादी होनी थी। शैली की शादी को लेकर पूरा परिवार बेहद खुश था। पड़ोसियों का कहना है कि सुरेंद्र, शैली और अंशू तीनों ही व्यवहार में बेहद नम्र थे। हादसे के बाद कॉलोनी के लोग भी हतप्रभ हैं कि अचानक यह क्या हुआ।
एक ने पहना था हेलमेट, अन्य तीन ने नहीं
बाइक चला रहे सुरेंद्र सिंह ने हेलमेट पहन रखा था जबकि बाइक पर बैठी शैली, अंशू और सिम्मी ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। पुलिस का कहना है कि जो हादसा हुआ है उसके लिए कुछ हद तक दो पहिया वाहन पर क्षमता से अधिक लोगों का बैठना भी जिम्मेदार है क्योंकि इससे वाहन को नियंत्रण करने में परेशानी होती है।
तीन चिताएं एक साथ जलीं, लोगों के छलके आंसू
सेक्टर-82 स्थित पेट्रोल पंप के पास श्मशान घाट पर शुक्रवार की शाम सुरेंद्र सिंह, शैली और अंशू की चिताएं एक साथ जलीं तो वहां मौजूद लोगों की आंखें छलक उठीं। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने किसी तरह परिजनों को संभाला। बीच-बीच में शैली की मां की तबीयत खराब होती रही। पिता शिव सिंह भी बेहोश हो गए।
रात के समय बेकाबू हो जाते हैं ट्रक चालक
इस सड़क हादसे को एक ट्रक द्वारा किया जाना माना जा रहा है। अब हादसे के बाद सवाल उठ रहा है कि जिस प्रकार दिन के समय बड़े वाहनों पर अंकुश रहता है। उस प्रकार की चौकसी रात के समय नहीं रहती है। यही कारण है कि रात के समय बड़े वाहन तेज गति के साथ लापरवाही से गुजरते हैं। इससे हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
पैदल यात्री को कार ने टक्कर मारी
थाना बीटा-2 थाना क्षेत्र में पैदल जा रहे एक व्यक्ति को कार सवार ने टक्कर मार दी। पैदल यात्री का पैर टूट गया। गामा-1 के रहने वाले कुलदीप ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा है कि गत दिवस वह अपने मित्र आशीष के साथ गामा-1 से पैदल जा रहा था। पीछे से आ रही एक कार ने आशीष के टक्कर मार दी। इससे उसके पैर की हड्डी टूट गई।