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बिल्डर के लालच का शिकार हुई मासूम, 3 माह की बच्ची पर गिरा सीलिंग का हिस्सा 

Sun, 24 Apr 2016 12:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

सार

  • सात साल में नहीं मिला फ्लैट पर कब्जा, टूटने लगी आस
  • ओमेगा सेक्टर में किंग्स पार्क प्रोजेक्ट के 500 बायर्स परेशान
  • चार टावर तो बने ही नहीं, वहीं कई का काम अधूरा 
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शनिवार को सेक्टर- 74 स्थित एक सोसायटी के एक फ्लैट के रूम की सीलिंग गिर गई। जिस वजह से 3 माह की बच्ची घायल हो गई। अपार्टमेंट के लोगों ने इस बात की शिकायत बिल्डर से की है।
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इसको लेकर रविवार को मीटिंग है। केपटाउन सोसायटी निवासी जितेंद्र झा ने बताया कि उन्होंने नवंबर 2015 में सीवी-3 टावर में 19 वें फ्लोर पर 52 लाख रुपये में फ्लैट खरीदा था। लेकिन इसका कंस्ट्रक्शन इतना खराब होगा, इस बात की जानकारी नहीं थी।

उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह उनका परिवार रूम में बैठे हुए थे। मेरी तीन महीने की बच्ची भी बेड पर खेल रही थी। उसी दौरान छत की सीलिंग गिर गई और बच्ची के  सिर में गुम चोट लग गई। शुक्र  था कि ज्यादा चोट नहीं आई। ये बहुत गंभीर मसाला है।
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सिर्फ यही नहीं, इसके अलावा भी अपार्टमेंट में बहुत कमियां हैं। आए दिन लिफ्ट खराब रहती है। बिल्डर ने फ्लैट देते समय जो वादा किया था, उसमें से अधिकतर वादे पूरे नहीं किए हैं। ग्रीन बेल्ट तक नहीं है। इन सभी मुद्दों को लेकर आज बिल्डर के साथ बैठक होगी।

‘बिल्डर से मिला धोखा, दूसरा घर खरीदने का नहीं मौका’

- फोटो : अमर उजाला
ग्रेटर नोएडा के ओमेगा सेक्टर के किंग्स पार्क प्रोजेक्ट में घर का सपना देख चुके लोग अब निराशा झेल रहे हैं। प्रोजेक्ट में पैसा लगा चुके 500 से अधिक बायर्स रोज दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हेड ऑफिस के चक्कर लगाकर परेशान हैं। उनका आरोप है कि बिल्डर उनकी बात नहीं सुनने को तैयार नहीं होता। इतना पैसा नहीं कि दूसरा घर खरीदा जा सके।

वर्ष 2009 में ओमेगा सेक्टर में टूडेज होम्स बिल्डर का किंग्स पार्क प्रोजेक्ट लांच किया गया था। इसमें लगभग 500 से अधिक लोगों ने फ्लैट बुक कराए थे। खरीदारों का आरोप है कि वर्ष 2013 में प्रोजेक्ट तैयार कर उनके घर देने की बात कही गई थी।

मौके पर कुछ टावर बने, लेकिन अभी तक उसमें प्लास्टर और फिनिशिंग का कार्य ही नहीं हो पाया। वहीं, शुरू के चार टावरों का तो काम ही शुरू नहीं हो पाया। एक साल से प्रोजेक्ट पर न के बराबर काम चल रहा है।

आरोप है कि साइट पर कुछ पांच से सात श्रमिक काम करते नजर आते हैं। इस तरह से काम चला तो अगले पचास सालों में भी उन्हें कब्जा नहीं मिल पाएगा।

शुक्रवार को बायर्स ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित ऑफिस में जाकर अपनी बात कहने की कोशिश की थी पर उनकी सुनवाई नहीं की गई। अब मंगलवार को कंपनी के चेयरमैन ने मिलने का समय दिया है। उनसे मिलकर विरोध जताएंगे। 

2009 में फ्लैट बुक कराया था। साइट पर इस तरह से कार्य चल रहा है जिसे देखकर घर पाने का सपना लगता है सपना ही रह जाएगा। सात साल में बिल्डर ने एक-चौथाई काम भी नहीं कराया है। - कैप्टन प्रवीन राय, फ्लैट मालिक

टूडे होम्स कंपनी से एक साल से वार्ता कर रहे हैं। कंपनी द्वारा कोई न कोई बहाना बनाया जाता है। प्रोजेक्ट में 800 फ्लैट बनाए जाने हैं। सात साल गुजर गए अभी कितना वक्त और लगेगा पता ही नहीं।- एनपी सिंह, फ्लैट मालिक और आरडब्ल्यूए अध्यक्ष 
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बिल्डरों पर शिकंजा कसने के लिए सीएम को लिखा पत्र

- फोटो : अमर उजाला
फेडरेशन ऑफ एनसीआर रेजीडेंट्स सोशल एसोसिएशन के अध्यक्ष मुन्ना कुमार शर्मा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र में सैकड़ों बिल्डरों के प्रोजेक्ट हैं और उनमें लाखों लोगों ने फ्लैट खरीदे हैं। 

लेकिन हाल में ही ऐसा कोई बिल्डर नहीं है जो वादों पर पूरी तरह से खरा उतरा हो। पत्र में मुख्यमंत्री से तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप किए जाने की मांग की गई है।

साथ ही बिल्डरों पर कानूनी शिकंजा कसने और किए गए वादे को समय पर पूरा करने के लिए दबाव बनाने की बात कही गई है। साथ ही यह भी आशंक जताई गई है कि  यदि खरीदार सड़क पर उतर आए तो इनको संभालना मुश्किल हो जाएगा।
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