आज का युवा देश के राजनीतिक लोगों पर विश्वास नहीं करता। इसलिए देश की राजनीति में कुछ सीटें युवाओं के लिए आरक्षित कर देनी चाहिए। यह आरक्षण गांव, ब्लॉक और जिले स्तर पर दिया जाना चाहिए। जिससे युवा आम ग्रामीणों की समस्याएं समझें और जब संसद में पहुंचे तो आम लोगों की आवाज उठा सकें। ये बातें शुक्रवार को आईआईएमटी कॉलेज के वार्षिकोत्सव के दौरान छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए भाजपा नेता और सांसद वरुण गांधी ने कहीं।
सांसद ने कहा कि जब अन्ना जैसे वृद्ध देश में लोकपाल बिल लागू करा सकते हैं तो युवा क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों में 70 से 80 फीसदी लोग इंटरनेट का प्रयोग कर रहे हैं। मगर भारत में अभी करीब 21 फीसदी लोग ही इंटरनेट पर काम कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि उन्हें खुशी है कि भारत में 21 फीसदी नेट यूजर्स में 57 फीसदी ग्रामीण युवा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि तेजाब हमले की पीड़ित लक्ष्मी ने सोशल मीडिया के माध्यम से दुकानों पर बेचे जाने वाले तेजाब पर पाबंदी लगवाने में कामयाब रहीं। उससे प्रेरणा लेकर युवाओं को सोशल मीडिया पर सक्रिय होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक लोग वोट हासिल कर संसद तक पहुंचते हैं लेकिन अधिकतर लोग भोली-भाली जनता और उनके अनपढ़ होने का लाभ उठाते हैं। इसी के चलते वह दोबारा बहुत कम चुने जाते हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि अमेरिका में एक प्रतिनिधि को दोबारा संसद में पहुंचने के 64 फीसदी चांस है जबकि भारत में यह केवल 26 फीसदी है।