नोएडा। शासन की ओर से गठित एसआईटी टीम के शासन को रिपोर्ट सौंपे जाने का इंतजार है। रिपोर्ट से पता चलेगा कि प्राधिकरण के कितने अधिकारियों व कर्मचारियों पर जांच की आंच आनी है। इसी आधार पर इन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी तैयारी होगी।
एमराल्ड कोर्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यूपी सरकार हरकत में आई है और गठित एसआईटी टीम ने नोएडा प्राधिकरण आकर करीब तीन दिन तक जांच की। जांच के बाद एसआईटी ने पूरा डाटा ले लिया और टीम लखनऊ लौट गई। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी अब अपने स्तर पर डाटा का मिलान कर एक निष्कर्ष पर पहुंचेगी। इसके बाद एसआईटी के चारों सदस्य एक राय पर पहुंचेंगे। तभी इसकी अंतिम रिपोर्ट तैयार होगी। रिपोर्ट तैयार करने के बाद इसे शासन को सौंपा जाएगा।
शासन की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। अगर इसमें अधिकारियों व कर्मचारियों पर सवाल उठाए जाते हैं तो शासन की ओर से प्राधिकरण से इनके खिलाफ एफआईआर कराने का निर्देश दिया जा सकता है। इसके बाद स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। शुरूआती जांच में प्राधिकरण ने सात नाम चिह्नित किए गए थे। वहीं सूत्रों का कहना है कि इनकी संख्या करीब 13 तक पहुंच चुकी है। हालांकि अंतिम तौर पर किसके खिलाफ कार्रवाई के आदेश होंगे यह रिपोर्ट जारी होने के बाद ही पता चलेगा। बताया जा रहा है कि इसमें सीईओ, एसीईओ, सीएपी समेत कई नाम हैं। लेकिन जब तक रिपोर्ट जारी नहीं हो जाती तब तक इसमें आगे कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।