नोएडा। सेक्टर-93ए एमराल्ड कोर्ट स्थित 40 मंजिला ट्विन टावर गिराने का खाका रुड़की की सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) खिंचेगी। सोमवार सुबह नोएडा पहंची सीबीआरआई की टीम ने मौके पर जाकर ट्विन टावर का जायजा लिया। टीम ने स्थानीय आरडब्ल्यूए से भी बातचीत की और प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी के साथ बैठक की। सीबीआरआई की टीम अध्ययन के बाद 10 दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। इसमें यह बताया जाएगा कि ट्विन टावर को कैसे गिराया जाएगा। ट्विन टावर को गिराने के लिए दूसरी अन्य एजेंसी की भी मदद ली जाएगी। बताया जा रहा है कि इसकी मॉडल स्टडी के साथ सुझाव बताया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक एमराल्ड के ट्विन टावर को तीन माह में गिराने का आदेश दिया है। इसका पूरा खर्च बिल्डर उठाएगा। उच्चतम न्यायालय ने नोएडा प्राधिकरण को इसके लिए सीबीआरआई का सहयोग लेने का आदेश दिया है। प्राधिकरण ने इस मामले में सीबीआरआई को पत्र लिखा था।
सोमवार को सीबीआरआई के निदेशक डॉ. एन गोपालकृष्णनन और उप निदेशक सुविर सिंह सेक्टर-93ए एमराल्ड कोर्ट पहुंचे। यहां प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ संपर्क किया गया। वर्क सर्किल की टीम सीबीआरआई टीम को मौके पर ले गई। टीम ने ट्विन टावर की दो मंजिल तक चढ़कर जांच की। तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए टावर का फोटो और विडियो लिया। इसके बाद एमराल्ड कोर्ट आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राजेश राणा व अन्य से बातचीत की।
स्ट्रक्चर का अध्ययन करेगी सीबीआरआई
सूत्रों की मानें तो टीम ने ट्विन टावर के स्ट्रक्चर के अध्ययन का फैसला लिया गया है। इसके लिए प्राधिकरण की ओर से इसकी ड्राइंग मुहैया कराई जाएगी। टावर की नींव से लेकर इसकी ऊंचाई तक की हर पहलू पर गौर किया जाएगा। इसमें ट्विन टावर को गिराने के मॉडल के अलावा तकनीकी का जिक्र होगा।
सीबीआरआई लेगी दूसरी एजेंसी की मदद
सारे संसाधनों का अध्ययन करने के बाद इसे गिराने की तरकीब बताई जाएगी। इसके लिए सीबीआरआई दूसरी एजेंसी की मदद लेगी। अध्ययन के बाद इसकी रिपोर्ट 10 दिन के भीतर नोएडा प्राधिकरण को भेजी जाएगी। अगर प्राधिकरण सीबीआरआई के अध्ययन से संतुष्ट हो जाता है तो इस काम का जिम्मा सौंप दिया जाएगा। अगर संतुष्ट नहीं होता है तो फिर प्राधिकरण अपने स्तर पर दूसरी एजेंसी की भी मदद ले सकता है।
आसपास की इमारतों की सुरक्षा का रखा जाएगा खास ख्याल
मौके पर निरीक्षण के दौरान सीबीआरआई टीम यह भी देखेगी कि ट्विन टावर गिराने के दौरान आसपास की इमारतों को कोई नुकसान नहीं पहुंचे। दरअसल, गिराई जाने वाली इमारतों के 9 मीटर की दूरी पर दूसरी अन्य इमारत भी हैं। ऐसे में टावर को गिराना किसी चुनौती से कम नहीं है। सीबीआरआई की टीम अपनी रिपोर्ट में इस बात का खास ख्याल रखेगी।
प्राधिकरण ने जल्द काम करने की दी सलाह
सीईओ के साथ सोमवार को प्राधिकरण कार्यालय में हुई सीबीआरआई निदेशक की बैठक में जल्द से जल्द काम पूरे करने की सलाह दी गई। बैठक में सीबीआरआई के निदेशक और उपनिदेशक के अलावा सीईओ रितु माहेश्वरी, एसीईओ नेहा शर्मा, नियोजन विभाग के जीएम इश्तियाक अहमद व अन्य अधिकारी शामिल रहे।