अपडेटेड लॉकर एग्रीमेंट साइन न करने वाले 10 हजार लोगों को नोटिस जारी
लोगों के घरों तक एग्रीमेंट भेज रहे बैंक, साइन न कराने पर फ्रीज हो सकता है लॉकर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अपडेटेड लॉकर एग्रीमेंट साइन न कराने वाले जिले के 10 हजार धारकों को बैंकों की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इसमें उन्हें आरबीआई द्वारा जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक नए एग्रीमेंट पर साइन करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बैंकों द्वारा जल्द से जल्द लॉकर धारकों से साइन कराने के लिए एग्रीमेंट उनके घरों तक भेजा जा रहा है। साथ ही ईमेल व मोबाइल नंबर पर अलर्ट मैसेज भेजकर उन्हें सचेत भी किया जा रहा है। अगर इसे समय रहते नहीं कराया गया तो उपभोक्ता का लॉकर फ्रीज कर दिया जाएगा।
बतादें कि अपडेटेड लॉकर साइन करने के लिए आरबीआई की ओर से अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2023 रखी गई थी लेकिन उसके बाद भी 30 हजार लोगों ने इस एग्रीमेंट पर साइन नहीं किए थे। इन तीन माह में बैंक कर्मियों की ओर से 20 हजार लोगों से इस पर साइन करा लिए गए हैं। अब बाकी 10 हजार उपभोक्ता बचे हैं, जिन्होंने इस पर साइन नहीं किए हैं। इसे लेकर आरबीआई का सर्कुलर कभी भी जारी हो सकता है। जाहिर है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 2021 में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के जवाब में बैंक सुरक्षित जमा लॉकर के लिए नए नियम बनाए थे। आदेश में आरबीआई को बैंकों और उनके लॉकर उपयोगकर्ताओं की जिम्मेदारियों और देनदारियों को फिर से परिभाषित करने के लिए कहा गया था। नए बनाए गए नियमों में लॉकर उपयोगकर्ताओं के प्रति बैंक की जिम्मेदारी से संबंधित कई संशोधन शामिल थे। बैंक लॉकर एग्रीमेंट के तहत बैंक अपने ग्राहकों के सामान के नुकसान के लिए कुछ हद तक जिम्मेदार होता है। यदि आप एग्रीमेंट को रिन्यू नहीं करते हैं तो आपको सामान के नुकसान के मामले में मुआवजा नहीं मिलेगा। लीड बैंक मैनेजर विदुर भल्ला बताते हैं कि आरबीआई के नए नियमों को लागू कराने के लिए सभी बैंक उपभोक्ताओं से एग्रीमेंट पर साइन करा रहे हैं। यह वाकई अनिवार्य है नहीं तो इसके काफी दुष्प्रभाव भी सामने आ सकते हैं। ऐसे में सभी को इसका पालन करना चाहिए।
नए नियमों के तहत मिलेंगी यह सुविधाएं
1. ग्राहक जब भी अपना लॉकर एक्सेस करेंगे तो इसका अलर्ट बैंक के माध्यम से ई-मेल और एसएमएस के जरिये दिया जाएगा। यह मैसेज दिन समाप्त होने से पहले बैंकों की तरफ से ग्राहक के पंजीकृत ईमेल एड्रेस और मोबाइल नंबर पर पुष्टि के रूप में भेजा जाएगा। इस मैसेज में ग्राहकों को अनधिकृत लॉकर एक्सेस की स्थिति में दिनांक, समय और संभावित उपाय के बारे में सूचित करना होगा।
2. आरबीआई के नए मानकों के अनुसार, बैंक की लापरवाही के चलते अगर लॉकर में रखी सामग्री को कोई भी नुकसान होता है तो इसके लिए बैंक को भुगतान करना होगा। आरबीआई की नई अधिसूचना कहती है कि यह बैंकों की जिम्मेदारी है कि वे परिसर की सुरक्षा के लिए सभी कदम उठाएं जिसमें सुरक्षित जमा तिजोरी रखी गई है। यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी बैंक की है कि आग, चोरी, डकैती, इमारत का गिरना जैसी घटनाएं बैंक के परिसर में उसकी अपनी कमियों, लापरवाही और किसी चूक के कारण न हो।
3. भूकंप, बाढ़, बिजली गिरने, आंधी-तूफान आदि प्राकृतिक आपदाओं, ग्राहक की गलती या लापरवाही के कारण लॉकर में रखी सामग्री को किसी भी तरह का नुकसान होता है, तो बैंक उसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा। दूसरी ओर बैंकों को ऐसी आपदाओं से अपनी सुविधाओं को सुरक्षित करने के लिए अपने लॉकर सिस्टम के साथ उचित सावधानी बरतनी होगी।
4. लॉकर होल्डर की मृत्यु की स्थिति में किसी व्यक्ति को लॉकर का सामान लेने के लिए नामांकित करता है तो बैंक निर्धारित तरीके से एक सूची लेने के बाद अकाउंट होल्डर के डेथ सर्टिफिकेट और नॉमिनी की पहचान को लेकर वेरिफिकेशन करेगा और संतुष्ट होने के बाद नॉमिनी को लॉकर का सामान लेने की स्वीकृति देगा।