बॉटेनिकल गार्डन से जुड़ेंगी तीन लाइनें
अब बॉटेनिकल गार्डन के इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन से तीन लाइनें जुड़ जाएंगी। ऐसे में संभव है कि यह दिल्ली-एनसीआर का सबसे बड़ा इंटरचेंज स्टेशन बन जाए। यहां एक्वा, ब्लू और मजेंटा लाइनों पर सफर करने वाले यात्री पहुंचेंगे और कॉरिडोर बदलते हुए गंतव्य तक जाएंगे। सबसे पहले यह ब्लू लाइन कॉरिडोर का एक स्टेशन था, बाद में इस स्टेशन से मजेंटा लाइन की शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। उन्होंने कॉरिडोर की सवारी भी की थी। इसके बाद अब एक्वा लाइन कॉरिडोर इससे जुड़ेगी।
शुरुआती चरण में 80 हजार यात्रियों के आने की संभावना
एनएमआरसी के अनुमान के मुताबिक, शुरुआती चरण में करीब 80 हजार यात्री यहां से सफर कर सकेंगे। यह सभी यात्री सेक्टर-142, 93, 97, 99, 100, 104, 108, 105 और 44 और 45 सहित अन्य सेक्टरों से होंगे। इसकी एक खासियत यह भी होगी कि इसके माध्यम से ग्रेनो से दिल्ली का जुड़ाव सीधे हो जाएगा। ग्रेनो के यात्रियों को सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से कॉरिडोर बदलने की जरूरत नहीं होगी। वह ग्रेनो डिपो या परी चौक से सेक्टर-142 होते हुए सीधे दिल्ली जा सकेंगे, हालांकि यात्रियों को यह सुविधा अगले चार वर्षों में मिल पाएगी।
यूपी और केंद्र सरकार तेजी दिखाए तो जल्द होगा काम
डीपीआर की मंजूरी के बाद गेंद यूपी सरकार के पाले में चली गई। अब यूपी सरकार को जल्द मंजूरी देनी होगी, फिर इसे केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से निरीक्षण के बाद इसे पीएमओ भेजा जाएगा। वहां से केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद इसके आगे का काम होगा। अगर सरकारें चाहें तो इसका काम जल्द से जल्द शुरू हो सकता है।
निर्माण में लगेंगे चार साल
एनएमआरसी के अधिकारियों के मुताबिक, डीपीआर की मंजूरी के बाद इसके बनने में तीन से चार वर्ष लगेंगे। हालांकि इस पर अंतिम फैसला टेंडर निकालने के दौरान होगा, लेकिन कॉरिडोर की लंबाई को देखते हुए बताया जा रहा है कि इस काम को पूरा करने में इतना समय लगेगा। टेंडर निकालने के बाद एजेंसी चयन में कम से कम तीन माह लगेंगे। अगर तीन या इससे अधिक एजेंसी आ गई तो चयन के बाद काम शुरू होगा।