नोएडा/ग्रेटर नोएडा। नौ दिनों से एनसीआर के शहर प्रदूषण की चपेट से आने से बेदम होने लगे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी कूड़ा-कचरा जलाने पर प्रदूषण की दुहाई देकर कार्रवाई कर आर्थिक जुर्माना लगा रहे हैं। वहीं, प्राधिकरण की निर्माणाधीन साइटों पर की जा रही अनदेखी के कारण भी प्रदूषण बढ़ रहा है। शनिवार को भी लगातार दूसरे दिन नोएडा की हवा सबसे ज्यादा खराब रही, जबकि दूसरे नंबर पर गाजियाबाद और तीसरे पर ग्रेटर नोएडा रहे।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण शहर की विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य करा रहा है। इसके लिए तारकोल जलाने के साथ रोड़ी व कंक्रीट भी सड़क किनारे खुले में रख दी गई है। शाम ढलते ही प्राधिकरण के कर्मचारी रात में सड़क निर्माण के लिए मैटेरियल तैयार करने में जुट जाते हैं, जिसमें तारकोल जलाने से प्रदूषण हो रहा है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग इसकी अनदेखी कर रहा है। शाम चार बजे जारी प्रदूषण विभाग के बुलेटिन में एनसीआर के सबसे प्रदूषित शहरों में नोएडा 464 वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के साथ पहले, गाजियाबाद व गुरुग्राम 441 एक्यूआई के साथ संयुक्त रुप से दूसरे व ग्रेटर नोएडा 408 एक्यूआई के साथ तीसरे स्थान पर रहा। शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा देश का तीसरा सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में शुमार रहा था।
प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों से परहेज
ग्रेनो के औद्योगिक सेक्टरों में प्रदूषण फैलाने वाली कई इकाइयां संचालित की जा रही हैं। इनके बारे में शिकायत के बाद भी प्रदूषण नियंत्रण विभाग कार्रवाई से परहेज कर रहा है। औद्योगिक क्षेत्र उद्योग विहार स्थित एक इकाई से लगातार धूल उड़कर वातावरण में फैल रही है। आसपास के कई पेड़ों पर भी धूल की मोटी परत जम गई है। इसकी शिकायत भी की गई है, लेकिन प्रदूषण विभाग हर बार कार्रवाई के नाम पर हाथ पीछे खींच रहा है।