फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: हवाला कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है नोएडा

विज्ञापन
विज्ञापन
हवाला कारोबार का गढ़ बनता जा रहा नोएडा
विज्ञापन



- यहां हो रही काले धन को सफेद करने की डील, पुलिस ने एक साल में कई हवाला रैकेट का किया खुलासा

- सीएसआर फंड को शेल कंपनियों में डालकर हो रहा हवाला के माध्यम से खेल


माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। नोएडा में बढ़ते व्यापार के साथ हवाला कारोबार का भी नेटवर्क बढ़ रहा है। पुलिस ने पिछले एक साल में तीन से चार ऐसे बड़े हवाला रैकेट का खुलासा किया है। इन रैकेटों की जांच में यह बात सामने आई है कि नोएडा में कालेधन को सफेद करने की डील हो रही है। इसके साथ ही हवाला का एक नया मॉड्यूल भी काम कर रहा है। इसके तहत नोएडा की कई बड़ी कंपनियों में सीएसआर फंड को लेकर खेल हो रहा है और सीएसआर फंड को शेल कंपनियों में डालकर सफेद करने का काम हो रहा है।
पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर ही नोएडा में दो हवाला रैकेट को पकड़ा है। इसमें एक का जयपुर कनेक्शन था, जिसमें दस लाख रुपये मिले थे। हालांकि यह टोकन मनी थी और तीन करोड़ की डील होनी थी। वहीं दूसरे का पटना कनेक्शन है जिसमें 50 लाख रुपये बरामद किए गए। इससे पहले भी कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने गुजरात, दिल्ली व मुंबई के हवाला कारोबारियों के पास से तीन करोड़ रुपये से अधिक की बरामदगी की थी।
विज्ञापन

इस गैंग के आरोपी कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) फंड का फर्जीवाड़ा कर ब्लैक मनी को व्हाइट मनी में बदलने का खेल कर रहे थे। देश विदेश की कई कंपनियों के सीएसआर फंड को अपनी शेल कंपनियों में लेकर 33 फीसदी कमीशन पर कैश दे रहे थे। नोएडा भी किसी बड़े उद्योगपति व कंपनी मालिक को दो करोड़ रुपये देने आए थे। चूंकि नोएडा में दस हजार से अधिक कंपनियां है और यहां सीएसआर फंड को लेकर खेल हवाला के माध्यम से होता है।

-

सीएसआर फंड को लेकर ऐसे करते थे खेल

देश व विदेश की कंपनियों को सीएसआर फंड के तहत एक तय अमाउंट सरकार की तरफ से तय सामाजिक कार्यों के लिए देना होता है। सीएसआर फंड के तहत बड़ी कंपनियों को इसके लिए करोड़ों रुपये देने होते हैं। ऐसे में इसमें हवाला के माध्यम से इस फंड को सफेद किया जाता है। दरअसल हवाला कारोबारी कंपनी मालिक से मिलकर सीएसआर फंड में ही सेंधमारी शुरू कर दी है और कंपनी मालिकों के साथ मिलकर फायदा उठाने लगे। इसी तरह से आरोपी किसी बड़ी कंपनी के मालिकों से संपर्क कर उनके सीएसआर फंड का हिस्सा अपनी फर्जी कंपनियों में डाल लेते थे और उन पैसों का सामाजिक कार्याें में खर्च दिखाकर कैश को ब्लैक से व्हाइट कर लेते थे। इसके एवज में आरोपियों को एक तिहाई हिस्सा मिलता है और कंपनी मालिकों को दो तिहाई हिस्सा व्हाइट मनी के रूप में मिल जाता है।

-

नोएडा के हवाला नेटवर्क में महिला की तलाश

पुलिस ने जिस हवाला रैकेट का पर्दाफाश किया है। उसमें एक महिला का रोल सबसे अहम बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि महिला ही इस नेटवर्क की मास्टरमाइंड है। पुलिस व अन्य एजेंसियां इस महिला के बारे में पता लगा रही है। बताया जा रहा है कि महिला मास्टरमाइंड के कहने पर ही पटना से काला धन नोएडा लाया गया था।


-

पहले भी पकड़े गए रैकेट

नोएडा में पहले भी कई बड़े हवाला रैकेट को पुलिस ने पकड़ा है। नवंबर-2022 में कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने तीन करोड़ से अधिक राशि के साथ हवाला कारोबारियों को पकड़ा था। इसे नटवर-नौ गैंग कहा जाता है। इसमें सेक्टर-55 से 1.68 करोड़ रुपये व दिल्ली के गफ्फार मार्केट से 90 लाख रुपये, ग्रेटर कैलाश से आयकर टीम ने एक करोड़ रुपये बरामद किए थे। 18 जनवरी 2022 को नोएडा स्टेडियम में एक फॉर्च्यूनर में 99 लाख रुपये मिला था। आयकर ने इस केस की जांच आगे बढ़ाकर इसमें भी हवाला रैकेट पकड़ा था।
विज्ञापन



-

आईबी ने शुरू की हवाला रैकेट की जांच
पचास लाख की नकदी के साथ हवाला कारोबार से जुड़े तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब अन्य एजेंसियां भी जांच में जुट गई है। मंगलवार को पुलिस के अलावा आयकर विभाग की टीम ने पूछताछ की। दोपहर में आईबी की टीम आ गई और आरोपियों से पूछताछ की। आरोपियों से पूछताछ के दौरान हवाला से जुड़े सभी पहलुओं पर बातचीत की। वहीं इस मामले में फरार चल रहे पांच वांछितों की तलाश में पुलिस की तीन टीमों ने मंगलवार को दिल्ली, गाजियाबाद और फरीदाबाद के कुल नौ ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस की जांच में पता चला है कि दिल्ली की सोनू मल नाम की महिला गिरफ्त में आए तीनों आरोपियों को खाता उपलब्ध कराने वाली थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें