सेक्टर-151ए में शुरू होने वाली हेलीपोर्ट योजना अब पहली सीढ़ी चढ़ने को तैयार है। परियोजना के लिए 31 दिसंबर को जारी किया गया ग्लोबल टेंडर बृहस्पतिवार को खोला जाएगा। इसमें तय हो जाएगा कि कौन सी कंपनी इसका निर्माण करेगी।
अधिकारियों ने बताया कि 9.35 एकड़ जमीन पर विकसित होने वाली इस परियोजना पर 43.13 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यहां हेलीकॉप्टर की मरम्मत की भी सुविधा होगी। 500 वर्गमीटर जमीन पर टर्मिनल इमारत का निर्माण किया जाएगा। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल पर आधारित इस परियोजना को जो भी कंपनी विकसित करेगी, वह तीस साल तक संचालन कर सकेगी।
टेंडर खुलने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर अप्रैल से ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। प्रस्तावित हेलीपैड पर 12 सीट वाले पांच बेल-412 हेलीकाप्टर एक साथ खडे़ हो सकेंगे। साथ ही, एक 26 सीटर एमआई-172 हेलीकॉप्टर भी यहां से वीआईपी व आपातकालीन गतिविधियों के दौरान संचालित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर यहां से एयर एंबुलेंस का इस्तेमाल भी किया जा सकेगा। हेलीपोर्ट का संचालन सिर्फ दिन में होगा।
यह होंगी सुविधाएं
15 मीटर ऊंचा एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर बनेगा, एक समय में 20-20 यात्रियों के आने-जाने की होगी सुविधा, 50 कारों के लिए पार्किंग की व्यवस्था, ई-वाहन को चार्ज करने के लिए इलेक्ट्रोनिक सब-स्टेशन, फायर स्टेशन।