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नोएडा एयरपोर्ट से एक घंटे में पहुंचेंगे नई दिल्ली स्टेशन

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ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से चलने वाली एयरपोर्ट मेट्रो एक घंटे में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंच जाएगी। एयरपोर्ट से नई दिल्ली स्टेशन तक 72 किमी लंबा मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाएगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएमआरसी) इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रहा है। सोमवार को यमुना प्राधिकरण में ट्रैफिक स्टडी पर दिए गए प्रजेंटेशन में इस पर चर्चा हुई। नई दिल्ली रेलवे स्टेेशन पर आईजीआई एयरपोर्ट को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन से नए कॉरिडोर को जोड़ जा सकता है। प्रस्तावित मेट्रो रिकॉर्ड 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। यह अहम है कि सामान्य तौर मेट्रो की गति 40 से 60 किमी प्रतिघंटे की होती है। जबकि एयरपोर्ट मेट्रो पर इसकी रफ्तार 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रहती है।
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जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मेट्रो से जोड़ने की योजना काफी पुरानी है। इस पर काफी दिनों से काम चल रहा है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए डीएमआरसी को डीपीआर बनाने के लिए कहा गया था। डीपीआर पर काम चल रहा है। इसी बीच ट्रैफिक स्टडी के बाद इसका प्रजेंटेशन दिया गया। पुरानी योजना के तहत पहले एयरपोर्ट से परी चौक तक ज्यादा स्टेेशन बनाने पर विचार किया गया था। लेकिन बाद में इसे बदलते हुए केवल सात स्टेेशन बनाने पर अंतिम तौर पर मुुहर लगी। इसके बाद डीएमआरसी को डीपीआर बनाने के लिए कहा गया। डीएमआरसी अब इस पर काम रहा है। सोमवार को आयोजित बैठक में यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह समेत डीएमआरसी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
दो चरणों में पूरा होगा मेट्रो कॉरिडोर
पहला चरण: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नॉलेज पार्क-2
एयरपोर्ट मेट्रो का पहला चरण नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नॉलेज पार्क-2 तक का होगा। यह करीब 38 किमी लंबा होगा। कॉरिडोर पर 7 स्टेशन होंगे। नॉलेज-पार्क-2, टेकजोन, सलारपुर अंडरपास, सेक्टर-18, सेक्टर-20, सेक्टर-28-29 और एयरपोर्ट पर मेट्रो स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है।
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दूसरा चरण: नॉलेज पार्क- 2 से नई दिल्ली
एयरपोर्ट मेट्रो का दूसरा चरण नॉलेज पार्क-2 से नई दिल्ली तक होगा। संभवत: इसे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गुजरने वाले एयरपोर्ट मेट्रो से जोड़ा जाएगा ताकि यहां उतरकर लोग आईजीआई एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंच सके। इस कॉरिडोर पर छह स्टेशन होंगे। हालांकि अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि स्टेशन कहां बनाए जाएंगे। इसमें ग्रेटर नोएडा, नोएडा और दिल्ली के स्टेशन शामिल होंगे। यह कॉरिडोर 34 किमी लंबा होगा।
ज्यादा गति सीमा के लिए तैयार होगा कॉरिडोर
मेट्रो के पुराने कॉरिडोर इस तरह के बनाए गए हैं कि यहां ज्यादा तेज गति से मेट्रो नहीं दौड़ सकती है क्योंकि काफी आसपास स्टेशन बनाए गए हैं। वहीं एयरपोर्ट मेट्रो के स्टेशन दूर-दूर होंगे। लिहाजा यहां ज्यादा तेज गति से मेट्रो दौड़ सकती है।
31 मार्च तक तैयार होगी डीपीआर
यमुुुना प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा डीएमआरसी के पास है। 15 मार्च तक इसकी रिपोर्ट देनी है। वहीं, इसके नए कॉरिडोर को बनाने के लिए जगह और संभावना तलाश करेगी। इसके अलावा सभी संभावनाओं पर विचार करते हुए 31 मार्च तक डीपीआर तैयार करेगी। इसके बाद यमुना प्राधिकरण इसे बोर्ड बैठक में लेकर जाएगा। बोर्ड से अप्रूवल के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। इसकी फंडिंग पर भी बातचीत होगी। इसका पूरा खाका तैयार होगा कि इस प्रोजेक्ट में कौन-कौन और कितना पैसा लगाएगा। इसके बाद इस काम का टेंडर निकाला जाएगा। टेंडर निकालने के बाद एजेंसी का चयन होगा फिर काम शुरू हो पाएगा। पहले की योजना के मुताबिक इसे केवल ग्रेटर नोएडा से जेवर तक बनना था। लेकिन अब इसमें काफी संशोधन किया जा चुका है।
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