24 जुलाई 2013 को एकतरफा प्यार में मामी की हत्या में दोषी भांजे और दोस्त को जिला न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपियों ने छुरे व बेलन से ताबड़तोड़ वारकर हत्या की थी। वारदात से अंजान बनकर भांजा पीड़ित परिजनों के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने में जुट गया था। जिला अदालत ने दोनों दोषियों को दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड जमा करने का भी आदेश दिया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रोहताश शर्मा ने बताया कि गामा-1 सेक्टर में इंजीनियर पंकज त्यागी ने तत्कालीन कासना (वर्तमान में बीटा-2) थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 24 जुलाई 2013 को पंकज और उसका साला ड्यूटी पर गए थे। घर पर केवल पत्नी नेहा त्यागी और छह माह का बेटा था। दोपहर को जब वह घर लौटे तो देखा कि नेहा का शव लहूलुहान हालत में पड़ा है। मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। पुलिस ने दावा किया था कि एकतरफा प्यार में नेहा के भांजे आकाश उर्फ गोलू त्यागी ने मेरठ निवासी दोस्त अंकुश उर्फ राहुल शर्मा के साथ मिलकर हत्या की है।
छुरे और बेलन से हमलाकर हत्या कर दी थी
आकाश ने 24 जुलाई को नेहा के घर पहुंचकर प्यार का प्रस्ताव रखा था। इस पर नेहा ने आरोपी को तमाचा मार दिया था। इससे आरोपी नाराज हो गया। इसके बाद वह अंकुश के साथ ऑटो में बैठकर सूरजपुर पहुंचा और यहां से छुरा खरीदकर ले आया। नेहा के पास पहुंचकर दोनों ने छुरे और बेलन से हमलाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी घर लौटा और अन्य परिजन के साथ शोक संवेदना प्रकट करने लगा। आरोपी परिजन के साथ खुलासे की मांग को लेकर थाने भी गया था और सबसे ज्यादा आक्रोश दिखा रहा था। अदालत ने केस की सुनवाई कर गवाहों के बयान सुने और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद दोनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
मासूम का मुंह बांधा, बस के टिकट से हुआ खुलासा
पुलिस ने खुलासा किया था कि आरोपियों ने नेहा की हत्या करने के बाद उसके छह माह के बेटे का मुंह बांधकर दूसरे कमरे में छोड़ दिया था। पिता के वापस लौटने तक मासूम रोता रहा। वहीं, आरोपी घटना को लूट का रूप देने के लिए घर से जरूरी कागजात, मामी का मोबाइल, डेबिट कार्ड आदि साथ ले गया था और कपड़े व अन्य सामान इधर-उधर फेंक दिया था। आरोपी ने अपने कपड़े बाथरूम में छोड़ दिए और पंकज के कपड़े पहन लिए थे, इन्हीं कपड़ों में बस का टिकट पड़ा मिला। इससे पुलिस ने पूरी वारदात का खुलासा कर दिया।
हंसमुख व्यवहार बन गया नेहा का काल
नेहा बड़ी ही हंसमुख थी और वह पति, भाई व भांजे के साथ अक्सर घूमने जाती थी, लेकिन इसे भांजा प्रेम समझ बैठा। इसके बाद उसने अपने प्रेम का इजहार मामी के सामने किया। नेहा ने उसे फटकारा और कहा कि उसे भाई की तरह मानती है। इससे आरोपी डर गया कि नेहा परिवार के लोगों को यह बात बता देगी, इसलिए उसकी हत्या कर दी गई।