ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की जनसंख्या आठ साल में तीन लाख तक पहुंच चुकी है, लेकिन निवासियों को शून्य सुविधाओं में जीवनयापन करना पड़ रहा है। लोगों को मेट्रो से सफर का सपना दिखाया गया था, जो आज भी सपना ही है। यहां यातायात के नाम पर व्यवस्था शून्य है। वहीं, सरकारी इलाज के नाम पर कोई बेहतर व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा सेंट्रल पार्क, आधार सेंटर, हरियाली और स्टेडियम समेत अन्य जरूरी सुविधाओं से भी महरूम हैं। ग्रेनो वेस्ट में करीब 150 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट हैं। वर्ष 2012-13 से प्रोजेक्टों में खरीदारों को कब्जा मिलना शुरू हो गया था। बीते कुछ साल में ग्रेनो वेस्ट की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। इस समय 70 से अधिक सोसाइटियों में करीब तीन लाख लोग रह रहे हैं। भविष्य में जनसंख्या दस लाख से अधिक होगी, लेकिन इसके हिसाब से वहां पर सुविधाओं को विकसित नहीं किया जा रहा है। आठ साल से ग्रेनो वेस्ट के निवासी जरूरी सुविधाएं मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
बस चली और न मेट्रो दौड़ी
ग्रेनो वेस्ट में फ्लैटों की बिक्री मेट्रो का सपना दिखाकर की गई थी। तब कहा गया था कि नोएडा से मेट्रो ग्रेनो वेस्ट आएगी और फिर सूरजपुर होकर ग्रेटर नोएडा जाएगी। बाद में इसका रूट बदल दिया गया। ग्रेनो वेस्ट को मेट्रो से नहीं जोड़ा गया। अब नोएडा मेट्रो का ग्रेनो वेस्ट तक विस्तार करने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन दो साल से टेंडर की प्रक्रिया को पूरा नहीं किया जा सका। वहीं, दो साल पहले नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एनएमआरसी) ने बस सेवा शुरू की थी, वो भी बंद हो चुकी है। स्थानीय निवासी पूरी तरह से ऑटो व निजी वाहनों पर निर्भर हैं।
इतनी बड़ी आबादी और केवल एक पार्क
ग्रेनो वेस्ट ग्रेटर नोएडा का हिस्सा है, लेकिन दोनों जगह की हरियाली में अंतर है। ग्रेनो वेस्ट में हरियाली नाममात्र की है। हर समय धूल उड़ती रहती है। पार्क भी केवल एक है। कुछ जगह पार्क की जमीन आरक्षित है, लेकिन विकसित नहीं किया जा सका है। स्थानीय निवासी सेंट्रल पार्क समेत हर सेक्टर में पार्क बनाने की मांग कर रहे हैं।
सुविधाएं विकसित करने पर नहीं ध्यान
ग्रेनो वेस्ट के निवासियों को रामलीला मैदान चाहिए। आधार कार्ड सेंटर की जरूरत है। पोस्ट ऑफिस है, लेकिन वह ठीक से काम नहीं कर रहा है। सरकारी अस्पताल नहीं है। इलाज कराने के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर हैं। जहां इलाज काफी महंगा है। ग्रेनो वेस्ट में एक अच्छे व बड़े सरकारी अस्पताल की दरकार है। खेल सुविधा भी शून्य है। कोई सरकारी स्टेडियम नहीं है।
ग्रेनो वेस्ट में यातायात की कोई व्यवस्था नहीं है। जनसंख्या बढ़ती जा रही है। अगर अभी यातायात व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया तो फिर निवासियों को मुश्किल होगी। मेट्रो आने का इंतजार हो रहा है।
- चंदन चौधरी, पैरामाउंट इमोशन
हर कोई निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च नहीं उठा सकता। सरकारी इलाज के लिए नोएडा जाना होता है। यहां भी सरकारी अस्पताल बनाने के साथ अन्य सुविधा विकसित करने पर भी प्राधिकरण को ध्यान देना चाहिए।
- राजकुमार, इको विलेज दो