कार्ययोजना में मांगा था तीन माह का समय
मुंबई की एडिफिस कंपनी ने अपनी कार्ययोजना में इमारत को तोड़ने में 90 दिन का समय लगने की बात कही थी। साथ ही मलबा साफ करने के लिए भी इतना ही और समय मांगा था। वहीं 7 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने इस मामले में सभी संबंधित विभागों की बैठक बुलाई थी। इसी बैठक में 22 मई को ट्विन टावर को ध्वस्त करने की तारीख तय की गई थी।
बृहस्पतिवार को नोएडा आएंगे विदेशी विशेषज्ञ
एडिफिस कंपनी को अब अपने विदेशी विशेषज्ञों का इंतजार है। दक्षिण अफ्रीका से आने वाले सात इंजीनियर और अन्य विशेषज्ञ बृहस्पतिवार को नोएडा स्थित ट्विन टावर की साइट पर पहुंचेंगे। टावर में विस्फोटक किस-बीम और किस दीवार में कितनी-कितनी दूरी पर लगाया जाना है, यह कार्य इसी टीम के सदस्यों की देखरेख में होना है।