- सेक्टर-26 में हादसे के वक्त सो रहे थे बच्चे, दमकलकर्मियों ने बच्चों और केयरटेकर को जगाया
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-26 स्थित रामकृष्ण विवेकानंद मिशन अनाथालय में शुक्रवार रात ढाई बजे भीषण आग लग गई। ग्राउंड फ्लोर पर लगी आग से बेखबर प्रथम माले पर बने कमरों में 16 बच्चे और तीनों केयरटेकर सो रहे थे। दमकलकर्मियों ने सो रहे बच्चों और केयरटेकर को जगाकर सकुशल बाहर निकाला। दो दमकल वाहनों की मदद से करीब 50 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है हालांकि अनाथालय में काफी नुकसान हुआ है। अगर आग ऊपरी तल पर पहुंच जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
सेक्टर-26 स्थित अनाथालय में शुक्रवार रात बाद करीब ढाई बजे आग लगने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अनाथालय के ग्राउंड फ्लोर पर आग लगी थी जबकि प्रथम माले पर बने कमरों में चार से 12 साल के 16 बच्चे गहरी नींद में थे। धुआं तेजी से उनके कमरों में पहुंच रहा था। अग्निशनम विभाग की टीम अंदर घुसकर बच्चों और तीन केयरटेकर को जगाया। तेजी से सबको बाहर निकाला गया। इसके बाद आग बुझाने का काम शुरू किया गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग का दायरा बढ़ने नहीं दिया। दस अग्निशमनकर्मियों की मदद से आग पर करीब 50 मिनट में काबू पा लिया। इस दौरान रजाई, गद्दे और कपड़े समेत लाखों का सामान जल गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे का कहना है कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। सभी बच्चों व केयर टेकर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
अनाथ बच्चों की मदद के लिए आगे आए स्वयंसेवी संगठन
अनाथालय में रखे सामान के जल जाने के बाद आर्थिक संकट गहरा गया। शनिवार सुबह से ही बच्चों के खाने से लेकर कपड़े पहनने की दिक्कत होने लगी। कई स्वयंसेवी संगठनों ने बच्चों की मदद के लिए अनाथालय से संपर्क किया।
शॉर्ट सर्किट से आग की आशंका
आग बिल्डिंग के बेसमेंट में बने गोदाम में लगी थी। बेसमेंट में ही सारा सामान रखा था। प्राथमिक जांच में शाॅर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई है। हालांकि पुलिस व अग्निशमन विभाग सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रह
आग लगने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वहीं बिल्डिंग के आसपास के लोग इस घटना से अनभिज्ञ थे। एहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी अनाथालय के पास खड़ी कर दी गई है। मामले की सूचना मिलते ही नोएडा कमिश्नरेट के पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और मामले का जायजा लिया। बच्चों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए पुलिस अधिकारी अनाथालय संचालकों के संपर्क में हैं।