संगम विहार पहुंचे वीके सक्सेना, कहा-नारकीय जीवन जी रहे निवासी
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को दिए आदेश, सात दिनों में दूर हों समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
लोकसभा चुनाव से पहले जनसुविधाओं को लेकर उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आमने-सामने आ गए। दोनों ने मंगलवार को एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा। उपराज्यपाल ने संगम विहार की समस्याएं गिनाईं तो मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सात दिनों में समस्याएं दूर करने का आदेश दिया। साथ ही, रोजाना शाम पांच बजे तक काम की रिपोर्ट सौंपने को कहा।
दरअसल, उपराज्यपाल अनधिकृत कॉलोनियों का लगातार दौरा कर रहे हैं। इसके तहत वे सोमवार शाम को दक्षिणी दिल्ली के संगम विहार में पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों के साथ क्षेत्र का दौरा किया और लोगों से समस्याओं के बारे में पूछा। लोगों ने उन्हें बताया कि लंबे समय से यहां सड़कें टूटी हुईं हैं। नालियां बंद हैं। इसके अलावा अन्य समस्याएं भी हैं। इसके बाद उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि स्थानीय निवासियों के अनुरोध पर संगम विहार गया था। नौ साल के शिगूफे के बावजूद इलाके में रह रहे 20 लाख से ज्यादा लोग जनसुविधाओं से वंचित हैं और नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यहां न तो सड़कें हैं, न सीवर व न कूड़े की सफाई हो रही है। लटकती तारें खतरनाक हैं। उबड़-खाबड़ सड़क पर मेरे सामने ही रिक्शा पलट गया और महिला घायल हो गई। उफनती नालियां, कचरे के ढेर और सीवर के बदबूदार पानी से भरी गलियां देश की राजधानी में होंगी। देश इसकी कल्पना भी नहीं कर सकता। इन समस्याओं को दूर करने वाले संबंधित विभाग बाढ़ सिंचाई एवं नियंत्रण विभाग, जल बोर्ड, शहरी विकास, डीएसआईआईडीसी पूरी तरह से दिल्ली सरकार के अधीन हैं। निगम भी आप सरकार के पास है। ऐसी ही स्थिति किराड़ी और बुराड़ी में देखी थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अनुरोध है कि दिल्ली और जनता की समस्याओं की तरफ ध्यान दें।
विपक्ष की भूमिका निभा रहे एलजी : केजरीवाल
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मैं आपका शुक्रगुजार हूं कि आपने हमारी कमियां बताईं। इसके पहले आपने किराड़ी और बुराडी की कमियों को भी उजागर किया था। मुख्य सचिव को आदेश दे रहा हूं कि वे सात दिनों में इन सभी इलाकों की कमियों को दूर करें, जो काम आप कर रहे हैं, वह विपक्ष को करना चाहिए था। सत्ता पक्ष की कमियां निकालना विपक्ष का काम है। दुर्भाग्यवश, आज विपक्ष यानी बीजेपी के सातों सांसद राजनीति से सन्यास लेने में व्यस्त हैं। आठों विधायक गहरी निद्रा में हैं। यही कारण है कि दिल्ली की सत्ता पिछले 26 साल से भाजपा से दूर है। मजबूरी में उपराज्यपाल सांविधानिक पद पर होते हुए भी विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। एलजी ने दौरे के दौरान जो कमियां बताईं। जिन अधिकारियों को ये काम करना था और उन्होंने नहीं किया। ऐसे सभी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सेवा और सतर्कता विभाग एलजी के पास है। अगर यह दोनों विभाग मेरे अंतर्गत होते तो न केवल ऐसे अधिकारियों को निलंबित करता, बल्कि सख्त कार्रवाई भी करता। इससे भविष्य में कोई अधिकारी लापरवाही नहीं कर पाता। मुझे उम्मीद है कि उपराज्यपाल इन विभागों के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत निलंबित करेंगे और उन्हें नियम के तहत कड़ी सजा देंगे। दिल्ली के दो करोड़ लोगों को आपकी कार्रवाई का इंतजार है।