दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के खाली प्लाटों पर होने वाले अतिक्रमण को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) रोकेगा। डीडीए ने अतिक्रमण की रोकथाम के लिए करीब तीन हजार खाली भूखंडो को डिजिटलाइज किया है। इसरो इनकी मैपिंग कर करेगा। इसकी मदद से भूखंड की रीयल टाइम जानकारी मिल सकेगी।
अधिकारियों का कहना है कि करीब 240 गांवों के भूमि रिकार्ड को ऑनलाइन करने के लिए भूमि सूचना प्रबंधन प्रणाली (एलआईएमएस) सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। इसमें ऑनलाइन डैमेज कलेक्शन, ऑनलाइन डिमोलिशन प्रोग्राम मैनेजमेंट सहित अन्य सुविधाएं हैं। किसी आवंटित प्लॉट को भूमि पर वास्तविक रूप से बताने के लिए लेआउट प्लान को जीयो-मैप्स-जीयोपोर्टल के तहत डिजिटलाइज किया गया है। इसके अलावा लोगों की मदद के लिए डीडीए ने नई वेबसाइट भी शुरू की है। इससे जनता को किफायती आवास और अन्य जरूरी जानकारी मिल सकेगी। करीब छह लाख फाइलें डिजिटलाइज्ड की गई हैं और कंप्यूटरीकृत रिकॉर्ड रूम स्थापित किया गया है, ताकि रिकॉर्ड को आसानी व फाइलों को आसानी से तलाश किया जा सके।
ई-आफिस से मिलेगी सुविधा
लोगों की सुविधा के लिए डीडीए ने ई-गर्वेनेंस पहल शुरू की है। रोजमर्रा के कार्यकलापों का प्रबंधन करने के लिए कर्मचारियों के उनके डिजिटल हस्ताक्षर से उन्हें क्रियाविंत किया गया है। अब तक करीब 15 हजार फाइलों को ऑनलाइन कर दिया गया है। इसके अलावा ऑनलाइन यूजर-फ्रैंडली जन शिकायत निवारण, लेखा विभाग का इन-डेप्थ आटोमेशन, नवीनतम बायो-मेट्रिक उपस्थिति और खेल परिसर गतिविधियों का कंप्यूटरीकरण, सभी दस्तावेज को ऑनलाइन जारी करने और रिकॉर्ड को बनाए रखने के लिए डीजी लॉकर के साथ इंटीग्रेशन करना सहित अन्य शामिल हैं।