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एसओजी और बदमाशों के बीच डील के बदले सिपाही ने लिए थे 5 लाख

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नोएडा (सुशांत समदर्शी)। एटीएम हैकरों को 20 लाख रुपये और कार लेकर छोड़ने के बहुचर्चित मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में पता चला है कि कैश निकालने वाले बदमाशों से नोएडा एसओजी की डील कराने वाले बागपत जिले में तैनात सिपाही ने पांच लाख रुपये लिए थे। बताया जा रहा है कि इस मामले में डील 20 की नहीं 25 लाख रुपये व क्रेटा कार में हुई थी। डील कराने वाला सिपाही बदमाशों को छोड़ने वाली रात ही अपने हिस्से का पैसा लेकर चला गया था। इस मामले में अभी जांच चल रही है और एसओजी के अन्य आठ पुलिसकर्मी रडार पर हैं।
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पिछले सप्ताह इंदिरापुरम पुलिस ने एटीएम हैक कर कैश निकालने वाले बदमाशों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान बदमाशों ने बताया था कि अगस्त में इन बदमाशों को नोएडा पुलिस ने भी पकड़ लिया था, लेकिन कैश व क्रेटा कार लेकर छोड़ दिया। नोएडा पुलिस ने एटीएम हैक करने वाले उपकरण भी उनसे ले लिए थे। इस मामले में नोएडा के पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने आरोपी इंस्पेक्टर शावेज खान, हेड कांस्टेबल अमरीश यादव व नितिन तोमर को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया। शुरुआत में यह बात सामने आई थी की नोएडा एसओजी की टीम ने पहले पचास लाख रुपये की मांग की थी और बीस लाख रुपये में डील होे गई थी।
अब यह बात सामने आ रही है कि इस मामले में 25 लाख रुपये की डील हुई थी और पांच लाख रुपये डील कराने वाले सिपाही ने लिए थे। वह सिपाही पहले नोएडा एसओजी में रह चुका है। डील कराने के दौरान वह बागपत जिले के एसओजी में तैनात था। इस मामले का खुलासा होने के बाद उसे लाइन हाजिर कर दिया गया था। अब उसका गैर जनपद में तबादला हो गया है। बताया जाता है कि डील कराने वाला सिपाही नोएडा की भंग की गई एसओजी और उसके प्रभारी का काफी करीबी था। एसओजी प्रभारी के नोएडा में थानाध्यक्ष रहने के दौरान कई गुडवर्क में भी उसने साथ दिया था।
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अन्य आठों पुलिसकर्मी भी रडार पर
इस मामले में भंग की गई एसओजी टीम में एक इंस्पेक्टर व एक सब इंस्पेक्टर के साथ नौ पुलिसकर्मी थे। अब तक इंस्पेक्टर शावेज खान, सिपाही अमरीश यादव व नितिन तोमर को बर्खास्त किया जा चुका है। शेष आठ पुलिसकर्मियों की जांच की जा रही है। इसकी मॉनिटरिंग पुलिस कमिश्नर खुद कर रहे हैं। उनका कहना है कि सभी की जांच चल रही है। जांच के बाद इनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नई एसओजी गठन की चल रही कवायद
नोएडा कमिश्नरेट की एसओजी टीम के कारनामे से पुलिस महकमे पर धब्बा लग गया है। इसके बाद अब नई एसओजी के गठन की प्रक्रिया को लेकर काम चल रहा है। इस बार पुलिस कमिश्नर ने नई एसओजी के गठन को लेकर दोनों अपर पुलिस आयुक्तों को जिम्मेदारी दी है। नई एसओजी टीम में पारदर्शी व योग्य पुलिसकर्मियों को रखने को लेकर काम चल रहा है। इसके लिए कई पुलिसकर्मियों की लिस्ट बनाई गई है और जल्द ही नई एसओजी का गठन हो जाएगा।
इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है। टीम में शामिल अन्य आठों पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी अन्य पुलिसकर्मी की भूमिका गलत पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होगी।
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- आलोक सिंह, पुलिस कमिश्नर
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