नोएडा। अब प्राधिकरण शहर के सभी 168 सेक्टरों की ग्रीन बेल्ट की जांच करेगा। सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट के पास 7 हजार वर्गमीटर जमीन पर कब्जे का खुलासा होने के बाद जांच का दायरा आगे बढ़ाते हुए यह फैसला लिया गया है। कहीं भी ग्रीन बेल्ट पर कब्जा मिलने पर प्राधिकरण इन्हें तोड़कर एफआईआर भी दर्ज कराएगा।
सूत्रों के मुताबिक, प्राधिकरण ने सभी सेक्टरों का नक्शा नियोजन विभाग से मंगा लिया है। इसके अनुरूप अध्ययन किया जा रहा है। जल्द ही उद्यान विभाग की ओर से टीमों का गठन होगा, जो अलग-अलग सेक्टरों की ग्रीन बेल्ट की जांच करेंगी। इससे पहले प्राधिकरण के नक्शे के अलावा मौके की सेटेलाइट इमेज का सहारा भी लिया जाएगा। इससे तुरंत पता चल जाएगा कि नक्शे में दिखी ग्रीन बेल्ट पर वर्तमान में क्या स्थिति है। जांच के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
बिल्डर सोसाइटियों व वाणिज्यिक क्षेत्रों की जांच सबसे पहले
जहां-जहां बिल्डर सोसाइटियां और वाणिज्यिक क्षेत्र यानी मॉल आदि हैं। वहां सबसे पहले प्राधिकरण की टीम जांच करेगी। यहां अतिक्रमण की संभावना सबसे ज्यादा है। कई बार यह शिकायत मिलती है कि बिल्डर ने बगल की ग्रीन बेल्ट पर कब्जा कर सड़क बना ली है या पार्किंग की जगह का इस्तेमाल कर रहा है। कई स्थानों पर खेल के मैदान आदि बनाए गए हैं। लोगों की सुविधा के नाम पर यहां ग्रीन बेल्ट पर कब्जे की बात सामने आती रहती है।
बिना चिह्नित जमीन की भी होगी जांच
मास्टर प्लान के मुताबिक पहले से ही ग्रीन बेल्ट चिह्नित हैं, लेकिन संभावना है कि इनमें से कई पर अतिक्रमण किया गया हो और वह नक्शे से गायब हों। लिहाजा, वैसी जमीन की भी जांच होगी, जिसकी ग्रीन बेल्ट की संभावना पहले के कागजात में होगी। इस आधार पर जमीन वापसी की कवायद होगी।
ग्रीन बेल्ट में अवैध निर्माण पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्राधिकरण को कई बार यह शिकायत मिलती रहती है कि ग्रीन बेल्ट में अवैध निर्माण कर लिया गया है। इसे चिह्नित करने का काम प्राधिकरण करेगा। इसमें अवैध निर्माण को गिराने के अलावा आरोपी पर एफआईआर होगी। साथ ही, ग्रीन बेल्ट पर किए गए कब्जे से मुक्त कराया जाएगा।
नोएडा में ग्रीन बेल्ट की संख्या 195
नोएडा में ग्रीन बेल्टों की संख्या 195 है जो कुल मिलाकर 1390 एकड़ में है। इसमें शहर की 171 सड़कों पर प्राधिकरण ने पथ वृक्षारोपण कराया है, जो लंबाई में कुल 796 किलोमीटर है। यहां पार्कों की कुल संख्या 728 है।