बेसिक शिक्षा विभाग के पोर्टल पर 1100 से अधिक निजी स्कूल पंजीकृत हैं, जबकि सैकड़ों स्कूलों की जानकारी विभाग के पास नहीं है। उन निजी स्कूलों के पास मान्यता नहीं है। बिना मान्यता के कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। इन सभी स्कूलों में एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए सत्र की पूरी तैयारी कर ली गई है। बच्चों के दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों के पास मान्यता नहीं है, उसके बाद भी वो अपनी यूनिफार्म बच्चों को बेच रहे है। किताबों के लिए भी वेंडर निर्धारित कर रखे हैं।
कई वर्षों से नहीं की गई कार्रवाई
बेसिक शिक्षा विभाग ने बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों के खिलाफ कई वर्षों से कार्रवाई नहीं की है। इस कारण ऐसे स्कूलों की संख्या बढ़ती जा रही है। कोविड काल से पूर्व में विभाग ने अभियान चलाकर कार्रवाई की थी, लेकिन तब भी शत प्रतिशत स्कूलों को बंद नहीं कराया जा सका था। जेवर, दादरी क्षेत्र में भी बिना मान्यता के स्कूल चल रहे हैं। पिछले वर्ष जिला विद्यालय निरीक्षक ने पंजीकरण नहीं कराने पर 14 स्कूलों को नोटिस जारी किया था।
आवेदन करते ही मान लेते हैं मान्यता
बिना मान्यता के चल रहे काफी निजी स्कूल मान्यता के लिए आवेदन कर चुके हैं। आवेदन करने के साथ ही स्कूल मान्यता मिलना पक्का मान लेते हैं और स्कूल का संचालन शुरू कर देते हैं, लेकिन कागजात पूरा नहीं होने के कारण मान्यता नहीं दी जा सकती है। विभाग इन स्कूलों को बंद भी नहीं करा रहा है।
शिक्षा विभाग शिकायत मिलने का इंतजार करता है, जबकि बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। कार्रवाई भी सत्र शुरू होने से पहले होनी चाहिए, ताकि अभिभावकों को हानि से बचाया जा सके। इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से करेंगे। -सुखपाल सिंह तूर, अध्यक्ष एनसीआर पेरेंट्स एसोसिएशन
नया सत्र शुरू हो गया है, बिना मान्यता के चलने वाले स्कूलों को भी चिन्हित किया जाएगा। उन पर जुर्माना लगाते हुए वहां के बच्चों को नजदीक के परिषदीय स्कूलों में दाखिला कराया जाएगा। -राहुल पंवार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी