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प्रदूषण में बेतहाशा बढ़ोतरी, एक्यूआई 343

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Huge increase in pollution, AQI 343
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तावडू। दिवाली के बाद से आबोहवा अब तक दुरुस्त नहीं हो पाई है। नूंह जिले में शनिवार को प्रदूषण में बेतहाशा बढ़ोतरी देखने को मिली और समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) एक दिन पहले यानी शुक्रवार को 196 के मुकाबले 147 अंक बढ़कर 343 पर पहुंच गया। आसमान में शनिवार को दिन भर स्मॉग छाया रहा। तापमान में गिरावट के बाद शुक्रवार देर रात से ही धुंध का प्रभाव बढ़ने लगा था, जिसके चलते एक्यूआई भी रफ्तार पकड़ने लगा था। इसका प्रभाव शनिवार सुबह 11 बजे तक देखा गया। इसे स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक बताया गया।
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जिले में शनिवार सुबह 11:00 बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 300 के पार खतरनाक स्थिति में था तो वहीं दोपहर बाद मौसम साफ होने पर में एक्यूआई 200 के आसपास आ गया। प्रदूषण में बढ़ोतरी से सांस और दमा के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई तो वही आम राहगीरों को आंखों में जलन की समस्या महसूस हुई।
विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदूषण में बेतहाशा बढ़ोतरी के कई कारण हैं। इनमें सबसे ज्यादा वाहनों का आवागमन मुख्य कारण बताया गया है। लेकिन, जिले में एनजीटी के आदेशों की भी जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खनन संबंधी कार्य बेरोकटोक जारी है। जिले में बड़ी संख्या में संचालित क्रेशर जोन में पत्थर पहुंच रहे है और विभिन्न निर्माणाधीन कार्यों के लिए यहां से सामग्री भेजी जा रही है। जिले से गुजरने वाले निर्माणाधीन वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रैक के लिए ग्राम पंचायत सहसोला और तावडू मेवात मॉडल स्कूल के पीछे पहाड़ी क्षेत्र में खुदाई की जा रही है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. विजय कुमार ने बताया कि शुक्रवार को जिले का एक्यूआई सबसे ज्यादा रहा था, जिसका मुख्य कारण वाहनों का आवागमन है। जिले में बढ़ती प्रदूषण की समस्या को लेकर सोमवार को जिला प्रशासन के साथ एक बैठक की जाएगी। वहीं उन्होंने जिलेवासियों से आह्वान किया है कि वह गैरजरूरी वाहनों के प्रयोग से बचें और कम से कम घर से बाहर निकलें। कूड़ा जलाने की जगह का वह स्वयं निरीक्षण करेंगे। तावडू में डंपिंग स्टेशन पर कूड़ा जलाने को लेकर एसडीएम सुरेंद्र पाल ने भी बताया कि वह मौके का निरीक्षण करेंगे। यदि नगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई खामी मिली तो कार्रवाई की जाएगी। जिला उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह का कहना है कि जिले में वायु प्रदूषण के सूचकांक पर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। खनन संबंधी कार्यों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक, आगामी 8 जनवरी तक पूरी तरह रोक है। इसके लिए वह हर रोज जिले के सभी उप मंडलों से फीडबैक ले रहे हैं। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस के सहयोग से कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वह मास्क अवश्य पहनें और गैरजरूरी काम के लिए घर से बाहर नहीं निकले।
खुले में जलाया जा रहा कूड़ा
नूंह और तावडू शहर में कचरा भी खूब जलाया जा रहा है। नूंह में पटेल वाटिका के समीप कूड़ा हर दिन जलाया जाता है तो वहीं तावडू शहर के डंपिंग स्टेशन में नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा खुलेआम कचरे में आग लगाकर एनजीटी के आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कचरे में आग लगाने से धुआं का गुबार आसमान में प्रदूषण की मात्रा में बढ़ोतरी कर रहा है। जिले के तावडू ,नूंह, फिरोजपुर झिरका ,नगीना, पुन्हाना आदि में बड़ी संख्या में निर्माण कार्य जारी है। जिन पर लगाम लगाने में प्रशासन नाकाम है ।
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