अब नोएडा से 40 स्थानों के लिए एयर ट्रेवल का मौका मिलेगा। सेक्टर-151ए में बनने वाले हेलीपोर्ट से यह सुविधा मिलेगी। यहां से 500 किलोमीटर के दायरे में आने वाले धार्मिक-पर्यटन स्थलों का भ्रमण आसानी से होगा। पूरी यात्रा हेलीकॉप्टर (एंड टू एंड एयर ट्रेवल) से ही होगी। इसमें किसी अन्य साधन का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा। शासन में बृहस्पतिवार को इसका प्रस्तुतिकरण किया गया था। हेलीपोर्ट पर 12 यात्रियों वाले 6 और 32 यात्रियों वाले दो हेलीकॉप्टर मिलेंगे। इनमें एमआई 172 जैसे हेलीकॉप्टर होंगे।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि शासन की ओर से हरी झंडी मिल गई है, लेकिन बृहस्पतिवार की बैठक में वित्त विभाग के सदस्य मौजूद नहीं थे। उन्हें बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी भेजी जाएगी। अगर कुछ आपत्ति लगाई जाती है तो सुधार कर दोबारा भेजा जाएगा। अगर कोई बाधा नहीं आती है तो आगे काम होगा।
हेलीपोर्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट, बिड दस्तावेज और कंसेशन एग्रीमेंट तीनों की मंजूरी मिल गई है। बैठक में वित्त विभाग के प्रतिनिधि नहीं थे। इनसे हरी झंडी मिलते ही इसका औपचारिक मंजूरी मिल जाएगी। चयनित कंपनी को 30 साल तक के लिए काम सौंपा जाएगा। योजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर आधारित होगी। इसमें जमीन प्राधिकरण की होगी और निवेश चयनित कंपनी करेगी। कमाई में नोएडा प्राधिकरण का भी शेयर होगा। इसमें शुरुआती चरण में पवन हंस कंपनी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। बिड फाइनल होने के बाद एक साल में काम पूरा करना होगा।
विदेशों से भी यहां आने का आकलन
अधिकारियों का कहना है कि राइट्स एजेंसी से एक सर्वे कराया गया था। इसमें बताया गया कि यहां बनने वाले गोल्फ कोर्स में विदेशों से भी लोग आ सकते हैं। इसके लिए वह दिल्ली या नोएडा एयरपोर्ट उतर सकते हैं। लोग हेलीकॉप्टर के माध्यम से यहां आएंगे। काफी लोग चीन और कोरिया से केवल गोल्फ खेलने आते हैं।
300 से 500 किलोमीटर के धार्मिक स्थलों का आकलन
300 से 500 किलोमीटर तक के धार्मिक स्थलों के लिए योजना तैयार की गई है। इस सुविधा का लाभ जिले के साथ दिल्ली-एनसीआर के लोग भी ले सकेंगे। कनेक्टिंग हेलीपोर्ट से चार धाम की यात्रा भी की जा सकेगी। बदरीनाथ, केदारनाथ, देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी समेत कई दर्शनीय स्थलों पर जाने का मौका मिलेगा। जहां-जहां हेलीपोर्ट की सुविधा होगी, वहीं से कनेक्टिविटी बनाई जाएगी।
शासन में प्रस्तुतिकरण हुआ है। जल्द ही इसकी औपचारिक मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद काम शुरू होगा। लोगों को 35 से 40 स्थानोें पर हेलीकॉप्टर से पहुंचने का मौका मिलेगा। चार धाम यात्रा में भी मदद मिलेगी।
- रितु माहेश्वरी, सीईओ, प्राधिकरण