अपने मां और गांव वालों के साथ हरदयाल ।
नोएडा। पिछले 12 साल से सड़क किनारे फुटपाथ पर गुमनामी का जीवन जी रहे महोबा के हरदयाल सोमवार को अपनी मां से मिले। एक-दूसरे को देखते ही मां-बेटे की आंखों से आंसू छलक पडे़। हरदयाल को वापस आया देख गांव के लोग भी एकत्र हो गए थे। हरदयाल को उनके गांव तक अपनी कार से पहुंचाने वाले युवा क्रांति के संस्थापक अविनाश सिंह को भी उनकी मां ने आशीर्वाद दिया।
अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद नोएडा के एसीपी रजनीश वर्मा ने रविवार को हरदयाल से मुलाकात की और उनको महोबा जिले के गांव भिजवाने की बात कही। अविनाश और विनीत शर्मा ने बताया की सोमवार को गांव पहुंचने पर लोगों ने सभी का धन्यवाद दिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीण मौजूद रहे। शहर की मुख्य संस्था सद्भावना सेवा संस्थान के अनिल सिंह, राजेश सिंह, प्रिंस शर्मा ने इनकी मदद की।
12 वर्ष के वनवास के बाद हरदयाल को अपनी वृद्ध मां का प्यार मिला। ऐसी सच्ची समाज सेवा करने वाले अमर उजाला और युवा क्रांति सेना को बहुत-बहुत बधाई।
- विकास जैन प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल
एसीपी रजनीश वर्मा ऐसे पुलिस अधिकारी है। जो हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते हैं। अब वो गांव जाकर एक दुकान खोलकर मां की सेवा कर पाएंगे।
- विशेष त्यागी, समाजसेवी
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सहयोग के लिए सभी लोग बधाई के पात्र है। हमारी संस्था लगातार जरूरतमंदों की मदद कर रही है।
- अनिल सिंह संस्थापक
सद्भावना सेवा संस्थान