ग्रेटर नोएडा। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मॉर्ट में बुधवार को देश के सबसे बड़े हस्तशिल्प मेले का आगाज हो गया। बुधवार शाम को केंद्रीय राज्य मंत्री (कपड़ा एवं रेल मंत्रालय) दर्शना विक्रम जरदोश ने औपचारिक रूप से पांच दिवसीय मेले का उद्घाटन किया। हस्तशिल्प निर्यात संवर्द्धन परिषद की ओर से आयोजित 53वें हस्तशिल्प एवं उपहार मेले (आईएचजीएफ) में पहले दिन 4500 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे। इससे पहले वर्ष 2019 में प्रदर्शनी का आयोजन हुआ था। वर्ष 2020 और 21 में प्रदर्शनी आयोजित नहीं हुई थी।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने स्टॉल और पेवेलियन का भी निरीक्षण किया साथ ही प्रदर्शकों से भी बातचीत की। हस्तशिल्प मेले में देशभर के 2500 प्रदर्शक 2000 से अधिक नए हस्तशिल्प उत्पादों और 300 से अधिक डिजाइनों का संकलन लेकर पहुंचे हैं। इस बार विदेशी खरीदारों की बड़ी संख्या को देख प्रदर्शक बेहतर निर्यात ऑर्डर मिलने की उम्मीद जता रहे हैं। प्रदर्शनी के पहले दिन 90 देशों के लगभग 4500 से अधिक विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में भारतीय खरीदार कंपनियों के प्रतिनिधि भी पहुंचे। प्रदर्शनी में 14 श्रेणियों हाउसवेयर, होम फर्निशिंग, फर्नीचर, उपहार, सजावटी सामान, लैंप एंड लाइटिंग, क्रिसमस और फेस्टिव डेकोर, फैशन जूलरी, एसेसरीज, स्पा और वेलनेस, बाथरूम एसेसरीज, गार्डन एसेसरीज, एजुकेशनल टॉयज एंड गेम्स, हैंडमेड पेपर प्रोडक्ट, स्टेशनरी एवं लेदरबैग आदि उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।
केंद्रीय कपड़ा सचिव ने प्रदर्शकों से की बातचीत
केंद्रीय कपड़ा सचिव यूपी सिंह ने पहले दिन दोपहर में हस्तशिल्प प्रदर्शनी का दौरा किया। इस दौरान वह कुछ स्टॉल भी गए। जहां उन्होंने प्रदर्शकों से बातचीत की। वह विशेष रूप से पहली बार स्टॉल लगा रहे स्टार्टअप करने वाले युुवाओं और लद्दाख के स्टाल लगाने वाले शिल्पियों से मिलकर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
हस्तशिल्प संवर्द्धन परिषद के ई-कॉमर्स प्लेटफार्म की शुरुआत
हस्तशिल्प संवर्द्धन परिषद की ओर से बुधवार से ई-कॉमर्स प्लेटफार्म शुरू किया गया। ईपीसीएच के अध्यक्ष राजकुमार मल्होत्रा ने बताया कि इसमें बेहद छोटे प्रदर्शक भी अपने शिल्प का प्रदर्शन कर पाएंगे जो बड़े मेलों के स्टॉल और पेवेलियन नहीं ले सकते हैं। यह आगे चलकर व्यापार और निर्यात का पूरा दृश्य ही बदल देगा।