ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन ने जिम व स्वीमिंग पूल के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया में बदलाव किया है। ऑफलाइन आवेदन को बंद कर दिया गया है। अब पंजीकरण और नवीनीकरण के आवेदन ऑनलाइन होंगे। सिटी मजिस्ट्रेट नोएडा और जिला क्रीड़ा अधिकारी को एक सप्ताह के अंदर आवेदनों का निस्तारण करना होगा। ऐसा नहीं होने पर पंजीकरण या नवीनीकरण स्वीकृत मान लिया जाएगा।
जिले में स्वीमिंग पूल और जिम का पंजीकरण या नवीनीकरण कराना जरूरी है। इसके लिए अब तक सिटी मजिस्ट्रेट नोएडा और जिला क्रीड़ा अधिकारी के पास आवेदन करना होता था, लेकिन आवेदनों का समय पर निस्तारण नहीं होने की शिकायतों पर जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने संबंधित अफसरों के साथ बैठक की। इसमें ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया को बंद करने का फैसला लिया गया। बुधवार रात इस संबंध में एडीएम वित्त एवं राजस्व ने आदेश जारी किया है।
एडीएम ने बताया कि अब ई-मेल आईडी जेकेकेपीएस123 एट द रेट जीमेल डॉट कॉम पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। सरकार से जिम व स्वीमिंग पूल के पंजीकरण व नवीनीकरण की फीस 1500 रुपये तय है। आवेदनकर्ता को यह धनराशि भारतीय स्टेट बैंक में जिला खेलकूद प्रोत्साहन समिति गौतमबुद्ध नगर के खाते में ऑनलाइन जमा करानी होगी। सभी आवेदनों पर निरीक्षण करने से पहले विभागीय अधिकारियों को अनुमति लेनी होगी। एडीएम ने बताया कि किसी भी आवेदक को सरकारी कार्यालय में आने की जरूरत नहीं है। तीनों प्राधिकरण ने भी जिम व स्वीमिंग पूल के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। उनका भी पालन करना होगा।
तत्काल करना होगा 36 आवेदनों का निस्तारण
बैठक के दौरान समीक्षा में 36 आवेदन लंबित मिले हैं। एडीएम ने बताया कि जिला क्रीड़ा अधिकारी को तत्काल आवेदनों का निस्तारण कर पंजीकरण करना होगा। 10 मार्च तक यह काम पूरा करना था। इसकी रिपोर्ट अगले कार्य दिवस में उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने बताया कि आवेदनों के निस्तारण में नगर मजिस्ट्रेट नोएडा और जिला क्रीड़ा अधिकारी की लापरवाही मिली है। आवेदनकर्ताओं ने आवेदन के साथ पंजीकरण शुल्क का बैंक ड्रॉफ्ट भी लगाया है। इसकी वैद्यता छह माह रहती है। आवेदनों का निस्तारण समय पर नहीं किया गया। इस कारण बैंक ड्रॉफ्ट की वैद्यता की अवधि भी समाप्त हो गई। अब बैंक ने ड्रॉफ्ट को लेने से इंकार कर दिया है।
सीसीटीवी कैमरा लगवाने का आदेश
एडीएम ने जिला क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय में सीसीटीवी कैमरा लगाने का आदेश दिया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। प्रशासन को जिला क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय की काफी शिकायतें मिल रही हैं। इनको ध्यान में रखकर यह आदेश दिया गया है।