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एल्विश की रिहाई आसान नहीं: गुरुग्राम पुलिस लेकर जा सकती है यू-ट्यूबर को साथ; जानें क्या है माजरा

Fri, 22 Mar 2024 09:14 PM IST
अनुज कुमार माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा

सार

यू-ट्यूबर एल्विश यादव को एसीजेएम कोर्ट ने शुक्रवार को जमानत दे दी। लेकिन रिहाई की राह आसान नहीं है। गुरुग्राम पुलिस  यू-ट्यूबर को साथ ले जा सकती है। 50-50 हजार रुपये के बंध पत्र और आठ शर्तों पर जमानत याचिका स्वीकार की है।
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एल्विश यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सांपों के जहर की तस्करी के मामले में जेल में बंद यू-ट्यूबर एल्विश यादव की जमानत याचिका शुक्रवार को अदालत ने स्वीकार कर ली। एसीजेएम प्रथम की अदालत ने 50-50 हजार रुपये के बंध पत्र और आठ शर्तों पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।

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शुक्रवार को बचाव पक्ष की ओर से जमानत याचिका प्रस्तुत की गई। अधिवक्ता दीपक भाटी और प्रशांत राठी ने अदालत के समक्ष कहा कि एल्विश ने कोई अपराध नहीं किया है। उसके पास से किसी प्रकार की बरामदगी नहीं हुई है। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। इस आधार पर उसे जमानत पर रिहा किया जाए।

वहीं अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि अभियुक्त के खिलाफ 2 नवंबर 2023 को रिपोर्ट दर्ज हुई है। रेव पार्टी में सांपों का जहर उपलब्ध कराने में उसकी संलिप्तता सामने आई है। आरोपी खतरनाक सांपों का इस्तेमाल कर वीडियो बनाते हैं। जांच में यू-ट्यूबर का नाम सामने आया है।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आठ शर्तों के साथ जमानत स्वीकार की है। इनमें 50-50 हजार रुपये के बंध पत्र दाखिल करने के अलावा अभियुक्त आधार कार्ड की छायाप्रति दाखिल करेगा और जांच में सहयोग करेगा। प्रत्येक तारीख पर स्वयं या अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में प्रस्तुत होना होगा। 

बिना कारण गैर हाजिर रहने पर अदालत कार्रवाई कर सकती है। अगर बंध पत्रों के मोबाइल नंबर और पते में परिवर्तन होता है तो अदालत को अवगत कराना होगा। जमानतदारों का सत्यापन होगा कि उन्होंने कहीं और जमानत तो नहीं ली है। अपराध की पुनरावृत्ति तो नहीं की है। इन शर्तों के साथ जमानत दी गई है।
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जमानत मिली, रिहाई में हो सकती है मुश्किल
सांपों के जहर की तस्करी के मामले में जमानत मिलने के बाद भी एल्विश की रिहाई की राह आसान नहीं है। संकेत मिले हैं कि गुरुग्राम पुलिस जिला जेल में प्रोडक्शन वारंट दाखिल कर यू-ट्यूबर को साथ ले जा सकती है।
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