दादरी। बिना अनुमति के पंचायत करने और धारा-144 व कोविड प्रोटोकॉल तोड़ने पर पुलिस ने मीरापुर विधायक अवतार सिंह भड़ाना समेत 150 को नामजद व 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ दादरी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस पंचायत में शामिल लोगों को चिह्नित करने में जुटी है। जगह-जगह पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। मामले में पुलिस ने विधायक अवतार सिंह भड़ाना, मुखिया गुर्जर, मेरठ के जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर, इंदर प्रधान, श्याम सिंह भाटी, कुलदीप, प्रमेंद्र भाटी समेत 150 नामजदों और 500 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस नामजदों की तलाश कर रही है।
महिलाओं ने भी दी गिरफ्तारी
गुर्जर समाज में महिलाओं के पंचायतों में नहीं पहुंचने की परंपरा रही है, लेकिन रूढ़िवादिता तोड़ते हुए जिले के अलावा महिलाएं दूसरे प्रदेश व जिलों से भी पहुंचीं। पंचायत में कंधे से कंधा मिलाकर महिलाओं ने संघर्ष करने का भरोसा दिया। महिलाएं गिरफ्तार होकर सूरजपुर पुलिस लाइन भी पहुंचीं। चिटहेरा गांव निवासी ममता भाटी 8-10 महिलाओं के साथ पंचायत में शामिल हुईं। उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर कटाक्ष भी किए। महिलाओं ने कहा कि वे इस मुद्दे पर जो जिम्मेदारी सौंपी जाएगी उसे पूरा करेंगी। पंचायत में माता गुर्जरी पन्ना धाय ट्रस्ट की अध्यक्ष रेखा गुर्जर, सचिव शशि लोहिया, वीर गुर्जर सेना की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता भाटी, राष्ट्रीय महासचिव सरगम लोहिया, सचिव बबीता मौजूद रहीं।
देशभर में होगा आंदोलन
ग्रेटर नोएडा। परी चौक पर स्थित अखिल भारतीय गुर्जर शोध संस्थान में 2 अक्तूबर को समिति के पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसमें समिति के हरियाणा, राजस्थान, सहारनपुर, मुज्जफरनगर, शामली, मेरठ, बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर समेत अन्य जनपदों के लोग शामिल होंगे। समिति के पदाधिकारी देशभर में आंदोलन चलाने के लिए रणनीति तय करेंगे। आंदोलन को देश में फैलाने के लिए हर प्रदेश और जनपद के गुर्जर संगठनों के लोगों को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। महापंचायत में मेरठ के पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर ने कहा कि भाजपा नेताओं ने हमारे समाज को अपमानित किया है। अगर इसके लिए सीएम ने माफी नहीं मांगी तो ये आंदोलन राष्ट्रव्यापी होगा।
‘गाली नहीं, नेताओं को गलती का एहसास कराओ’
चिटहेरा गांव स्थित शिव मंदिर परिसर में रविवार को आयोजित महापंचायत में भाजपा के गुर्जर नेताओं को जमकर लताड़ा गया। गुर्जर समाज ने युवाओं से अपील की कि गुर्जर नेताओं को गाली नहीं दें। वे अपने ही समाज के लोग हैं, लेकिन उन्हें गलती का एहसास जरूर कराना है। महापंचायत में राजस्थान, यूपी, हरियाणा आदि के गुर्जरों ने मिलकर लड़ने का फैसला भी किया।
भाजपा विधायक अवतार सिंह भडाना ने कहा कि प्रतिमा के शिलापट्ट से गुर्जर शब्द को हटाकर समाज का इतिहास मिटाने का काम किया गया है। इससे गुर्जर समाज के स्वाभिमान को चोट लगी है। महापंचायत तो ट्रेलर है। फिल्म बाकी है। हर बॉर्डर पर इतनी संख्या में गुर्जर एकत्रित होगा कि सीमा पहचानना मुश्किल हो जाएगा। यहां पर सांसद या विधायक बनने नहीं आया हूं। अगर समाज का सम्मान नहीं किया तो ऐसी सरकार व सत्ता बेकार है। युवा संयम से काम लें। अपने ही समाज के लोगों के कारण अपमान हुआ है। उनको गाली नहीं दें, बल्कि गलती का एहसास कराएं।
वहीं, मुखिया गुर्जर ने कहा कि देश की आजादी से पूर्व वीर गुर्जरों ने अंग्रेजी शासनकाल की पुलिस से भी हल चलवा दिया था। गुर्जर समाज पुलिस बल से नहीं डरता है। उन्होंने पुलिस को भी आड़े हाथ लिया और मंदिर परिसर से बाहर जाने की चेतावनी दी। समाज के युवाओं से राष्ट्रीय स्तर पर लड़ने को तैयार रहने की अपील की। बिजेंद्र भाटी ने कहा कि गुर्जर शब्द को हटाने वाला समाज का गद्दार है। महापंचायत में जिले सिंह, ऋषिपाल अंबावता, मनबीर भाटी, इन्द्र प्रधान, कपिल गुर्जर, फकीर चंद नागर, श्याम सिंह भाटी, रूप सिंह, अशोक ममता भाटी, उदय सिंह, सुधीर भाटी, देवेश राणा आदि मौजूद रहे।