आरोपी बार बार कॉल कर दंपती को परेशान करने लगे। इससे दंपती इतने प्रताड़ित हुए कि उन्होंने 17 मई को जहरीले पदार्थ (सल्फास) का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें दादरी के निजी अस्पताल ले गए। इसके बाद उन्हें गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जहां दंपती ने दम तोड़ दिया। गाजियाबाद के कविनगर थाना पुलिस ने दंपती का पोस्टमार्टम कराया। घटना के बाद परिजन ने मामले में बहू और उसके ससुराल वालों के खिलाफ दादरी कोतवाली में शिकायत की। पुलिस ने बहू, बिचौलिया, समेत चार ससुराल वालों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिचौलिया नहीं दे रहा उधार में लिए पांच लाख रुपये
अरुण का कहना है कि बिचौलिया ने उनके पिता रविंद्र से पांच लाख रुपये उधार लिए थे। जिन्हें बिचौलिया नहीं लौटा रहा था। रविंद्र जब भी आरोपी से रुपये मांगते थे, तो वह उन्हें टरका देता था। आरोप है कि जब अरुण की बहू को लेने ससुराल वाले आए थे तो बिचौलिया व उसके परिवार के लोग भी आए थे। उस दौरान भी रविंद्र ने बिचौलिया से पांच लाख रुपये लौटाने को कहा था। इसके चलते केस में बिचौलिया को भी नामजद कराया गया है।