नोएडा। पिछले साल की अपेक्षा इस बार अभी वायु प्रदूषण बेहद खतरनाक स्थिति में नहीं है। हालांकि, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एहतियात के तौर शुक्रवार से ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) को लागू कर दिया जाएगा। जिले में जिन स्थानों पर अधिक प्रदूषण होता है, उनको हॉटस्पॉट घोषित किया गया है। इसके अलावा डीजी सेट चलते रहेंगे, लेकिन निर्माणाधीन साइटों पर लगातार निरीक्षण और सावधानी बरती जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा। बृहस्पतिवार को नोएडा का एक्यूआई 188 और ग्रेनो का 214 दर्ज किया गया। नोएडा येलो और ग्रेनो ऑरेंज जोन में शामिल है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि बीते साल भी 15 अक्तूबर को ग्रेप लागू कर दिया गया था। जिला प्रशासन के नेतृत्व में तीनों प्राधिकरण, परिवहन विभाग, यातायात पुलिस करीब 15 विभागाध्यक्षों को जिम्मेदारी दी गई है। ग्रेप लागू होने के बाद डीजल जेनरेटर सेट समेत निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी जाती है, लेकिन इस बार पाबंदी नहीं लगाई है। हालांकि, एहतियात बरतना जरूरी है। सड़कों की सफाई से पहले पानी का छिड़काव होगा। निर्माण स्थलों धूल नियंत्रण के उपाय करने के बाद ही काम शुरू करना होगा। प्रदूषण करने वाले वाहनों पर कार्रवाई, जाम और होटल, ढाबे में कोयले व लकड़ी का प्रयोग नहीं होगा। वहीं, कूड़ा जलाने पर रोक है। अस्पतालों से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण कराना होगा। साथ ही औद्योगिक इकाईयों को भी प्रदूषण पर नियंत्रण रखना होगा।
जिले में इन क्षेत्रों को बनाया हॉटस्पॉट
सेक्टर-76 सेवन एक्स, सेक्टर-150, यमुना पुस्ता, नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे, महामाया फ्लाइओवर, दादरी रोड, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे अंडरपास, ग्रेनो वेस्ट, यूपीएसआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र आदि को प्रदूषण के अनुसार हॉटस्पॉट घोषित किया गया है। प्रदूषण की रोकथाम के लिए यहां रोज कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिला प्रशासन अभियान चलाकर किसानों को जागरूक करेगी। इसके लिए खेतों पर फसल के अपशिष्ट में आग न लगाकर उसे खाद के रूप में बदलने के तरीके बताने जाएंगे। लोगों का मानना है कि फसल के अपशिष्ट काटने वाले उपकरणों में छूट दी जाए।
सीपीसीबी की टीम भी करेगी प्रदूषण की जांच
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के साथ इस बार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीम भी वायु प्रदूषण फैलाने वालों पर नजर रखेगी। प्रदूषण फैलाने वालों पर सीपीसीबी भी जुर्माना लगाएगी। वहीं, यूपीपीसीबी ने ग्रेटर नोएडा में तीन टीमों को तैनात किया है। जो लगातार भ्रमण कर वायु प्रदूषण की रोकथाम और कार्रवाई करेंगी। यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी भुवन यादव ने बताया कि इस बार सीपीसीबी ने भी 50 टीमों को तैनात किया है। जो दिल्ली-एनसीआर में अलग-अलग हिस्सों में लगातार भ्रमण करेंगी। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी सीपीसीबी की टीम जांच करेंगी। कहीं कमी मिली तो संबंधित पर जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, ग्रेप लागू होने का अभी कोई आदेश नहीं आया है। आदेश आने के बाद उसका पालन कराया जाएगा।
जनरेटर के धुएं में उड़ रहे नियम
ग्रेनो वेस्ट की इको विलेज वन सोसाइटी के जनरेटर के धुएं से निवासी और आसपास के लोग परेशान हैं। बृहस्पतिवार को स्थानीय निवासियों ने ट्विटर पर इसकी शिकायत यूपीपीसीबी और प्राधिकरण कर कार्रवाई करने की मांग की है। आरोप लगाया है कि जनरेटर पर चिमनी नहीं लगी है। इस कारण धुआं आसपास के फ्लैटों में पहुंच रहा है।