सोने का गिरा भाव, 25 फीसदी खरीदारी बढ़ने की उम्मीद से झूमा बाजार
- नोएडा ज्वेलर्स एसोसिएशन का आकलन, अक्षय तृतीय पर बढ़ेगी बिक्री
- अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना माना जाता शुभ
फोटो - सुशील कुमार जैन, सुधीर सिंघल।
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सोने की कीमतों में आई कमी की वजह से अक्षय तृतीया पर बिक्री 25 फीसदी अधिक होने की उम्मीद बाजार को है। इसकी वजह से कारोबारी भी खुश हैं। ऐसे में बाजार भी खरीदारों के लिए तैयार है। शुक्रवार को अक्षय तृतीया पर खरीदारी के लिए प्री-बुकिंग की भी सुविधा सोने की कीमतों में कमी होने की वजह से ज्वेलर्स दे रहे हैं, ताकि मांग बढ़ने पर कीमतें बढ़ने का असर ग्राहकों पर नहीं हो।
गौतमबुद्ध नगर में सेक्टर-18, नोएडा में मनोहर लाल ज्वेलर्स के मालिक सुधीर सिंघल का कहना है कि अक्षय तृतीया पर सोने की खरीदारी शुभ मानी जाती है। बाजार को भी ज्वेलरी के अलावा सोने के सिक्के आदि की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में अधिक होने की उम्मीद रहती है। इसके लिए ज्वेलर्स भी खुद के प्रतिष्ठान को इसके लिए तैयार करते हैं, जिससे ग्राहकों को असुविधा नहीं हो। अक्षय तृतीया के मौके पर मेकिंग चार्ज में छूट के अलावा बेहतर कीमत पर सोना ग्राहकों को खरीदने का मौका अक्षय तृतीया पर होगा।
नोएडा ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव सुशील कुमार जैन ने बताया कि उम्मीद है कि आम दिनों की अपेक्षा सराफा बाजार में 25 फीसदी तक बिक्री ज्यादा रहेगी। शुक्रवार को अक्षय तृतीया पर होने वाली शादियों के लिए नोएडा के बाजारों में खरीदारी जमकर हो रही है। सराफा के अलावा कपड़ा, किराना, इलेक्ट्राॅनिक्स और आटोमोबाइल बाजार सहित अन्य बाजारों में अच्छी खरीदारी होगी। लोग शादियों की तैयारियों में जुटे हैं। वर-वधू पक्ष जमकर खरीदारी भी करेंगे। फ्रिज और एसी के साथ एलईडी टीवी की मांग अधिक होने की संभावना है। अक्षय तृतीया पर बाजार में उत्साह का माहौल है। लोग पहले से आभूषण समेत अन्य की बुकिंग करते हैं और अक्षय तृतीया के शुभ दिन पर डिलीवरी लेते हैं।
अक्षय तृतीया क्यों खास?
हिंदू मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया का दिन बहुत शुभ माना जाता है। जैसा की इसके नाम से ही पता चलता है कि अक्षय का मतलब है, जिसका कभी क्षय न हो, जो कभी खत्म न हो, जिसमें कमी न हो। मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया को ही सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ हुआ था, द्वापर युग का अंत हुआ था और अक्षय तृतीया को ही कलयुग का प्रारंभ हुआ था। इसलिए इसे युगादि तिथि भी कहा जाता है। इस दिन किसी भी मुहूर्त में विवाह, सगाई, मुंडन आदि शुभ कार्य किए जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन किए गए काम कई गुना फल प्रदान करते है। इस दिन सोना खरीदने का खास महत्व है। इसे अक्षय तीज या वैशाख तीज भी कहते हैं।
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300 करोड़ का सोना बिकने की उम्मीद
पूरे जिले में इस दौरान ज्वेलर्स करीब 300 करोड़ रुपये का सोना बिकने की उम्मीद कर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि 20 अप्रैल को एक महीने के अपने उच्चतम स्तर 75,870 रुपये के रेट से सोना करीब 2000 रुपये नीचे है। बृहस्पतिवार को भी सोने का रेट 73,825 रुपये रहा। यह रेट 24 कैरेट का कमोडिटी भाव है। यानी, सोना करीब तीन फीसदी अपने उच्चतम स्तर से नीचे बना हुआ है।
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