- ढाबे और 25 लाख रुपये हड़पने के लिए की वारदात, अपहरण के बाद फ्लैट में दीवार में सिर मारकर कर दी थी हत्या
- मुख्य आरोपी, एमबीबीएस छात्रा समेत चार गिरफ्तार, विधायक का स्टीकर लगी कार बरामद
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ढाबा संचालक कृष्ण कुमार शर्मा के बेटे कुणाल शर्मा (15) की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने मौसेरे भाई मायचा की मडैया निवासी मनोज शर्मा और रोहतक निवासी मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस छात्रा तन्वी को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले बुधवार रात को मुठभेड़ के बाद बुलंदशहर निवासी हिमांशु चौधरी और गांव डाढ़ा निवासी कुणाल भाटी को गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि मुख्य आरोपी मनोज शर्मा ने वारदात की साजिश एक माह पहले रची थी। मनोज कुणाल का ढाबा और 25.5 लाख रुपये हड़पना चाहता था। आरोपियों ने अगवा करने के बाद सेक्टर-128 स्थित जेपी विशटाउन के फ्लैट में दीवार पर सिर पटककर कुणाल की हत्या कर दी थी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई विधायक का स्टीकर लगी स्कोडा कार, कुणाल के कपड़े, मोबाइल फोन के अलावा वारदात के समय आरोपियों के पहने गए कपड़े भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार एमबीबीएस छात्रा हिमांशु चौधरी की महिला मित्र थी। उसने कार में कुणाल को नशे का इंजेक्शन लगाया था।
बृहस्पतिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में संयुक्त आयुक्त बबलू कुमार ने बताया कि मनोज ने मौसा कृष्ण कुमार शर्मा से 23 लाख रुपये लेकर शिवा ढाबा खरीदा था। मनोज कई माह तक ब्याज नहीं चुका पाया था। इस कारण उसने मौसा कृष्ण को साझीदार बना लिया। मनोज के लापरवाह रवैये को देखते हुए कृष्ण ने अपने पैसे मांगे। रकम नहीं मिलने पर ढाबा अपने नाम कर लिया। कृष्ण ने बेटे कुणाल के साथ मिलकर ढाबा चलाना शुरू कर दिया। वहीं मनोज के दोस्त हिमांशु का भी ढाबे पर आना-जाना था। मनोज ने कृष्ण से हिमांशु को 2.5 लाख रुपये ब्याज पर दिलवाए थे। गारंटी के तौर पर मनोज ने अपनी ब्रेजा कार गिरवी रखी थी। करीब एक माह पहले मनोज ने हिमांशु, तन्वी और कुणाल भाटी के साथ मिलकर कुणाल शर्मा की हत्या की साजिश रची। मनोज को लगा था कि हत्या के बाद कृष्ण के अकेले पड़ जाने से ढाबा वापस उसके पास आ जाएगा। उसने तीनों को पार्टनर बनाने का लालच देकर वारदात की। हिमांशु ने मेरठ निवासी दोस्त से उसकी स्कोडा कार मांगी। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने कार में काली फिल्म व स्टीकर लगाकर उसकी नंबर प्लेट बदल दी। वारदात वाले दिन मनोज घटना स्थल से थोड़ी दूर खड़ा होकर सब देख रहा था।
आरोपियों को पहचान गया था कुणाल, अपहरण वाले दिन ही की हत्या
एक मई की दोपहर 2:20 बजे हिमांशु स्कोडा कार लेकर ढाबे पर पहुंचा। कर सवार महिला मित्र व मेडिकल छात्रा तन्वी ने ढाबे पर रोटी और पनीर की सब्जी का ऑर्डर दिया। साथ ही कहा कि हिमांशु भी ऑर्डर देना चाहता है। कुणाल तन्वी के साथ कार तक आया। तन्वी ने उसे कार में धकेल दिया। कार में कुणाल भाटी और तन्वी ने उसके मुंह पर टेप लगाकर बीच में दबा लिया। कार में ही तन्वी ने कुणाल को नशे का इंजेक्शन लगा दिया। आरोपी कार से 3:26 बजे नोएडा के सेक्टर-128 स्थित जेपी विशटाउन स्थित फ्लैट पर पहुंच गए। यह फ्लैट हिमांशु ने किराये पर ले रखा है। वहां पहुंचने तक कुणाल की हालत खराब होने लगी थी। पूरी तरह होश में नहीं होने के बावजूद कुणाल ने आरोपियों को पहचान लिया था। उसके विरोध करने पर आरोपियों ने कुणाल शर्मा का सिर दीवार में पटक कर मार दिया। जिससे उसकी मौत हो गई।
ट्राॅली बैग में शव लेकर पहुंचे बुलंदशहर
पुुलिस के मुताबिक 2 मई की रात को आरोपी कुणाल के शव को ट्राॅली बैग में बंद कर बुलंदशहर में गंगनहर के पास पहुंचे। वहां शव के कपड़े उतारकर नहर में फेंक दिया। बुलंदशहर से लौटत वक्त कुणाल के कपड़े सेक्टर-127 के पास डस्टबिन में छिपा दिए। जबकि उसका फोन सेक्टर-127 के पास बख्तावरपुर पुुलिया पर नाले में फेंक दिया।
आरोपी पकड़े गए और बताया तक नहीं : कृष्ण
कुणाल के पिता कृष्ण ने बताया कि पुलिस ने जो खुलासा किया है उसकी तरफ वह पहले ही दिन से ही इशारा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तकलीफ इस बात की है कि पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बाद भी उन्हेें सूचना तक नहीं दी।
नेटफ्लिक्स पर द हंट वेबसीरीज देखकर रची साजिश
पुलिस पूछताछ में आरोपी तन्वी ने बताया कि कुछ समय पहले नेटफ्लिक्स पर वेबसीरीज द हंट देखी थी। इसमें सैनिक अपने भाई की खोज में निकलता है और सबूतों के सहारे खोजबीन करता है। आरोपियों ने सबूतों को मिटने और फर्जी साक्ष्य बनाने का आइडिया इसी सीरिज से लिया। इसी के चलते कार पर पहले गुरुजी लिखा स्टीकर लगाया। बाद में उसे हटाकर विधायक का स्टीकर लगाया। आरोपियों ने इसी तरह कई स्टीकर और पट्टियां बनाई थीं।