टोक्यो में रजत जीतने वाले प्रवीण से पेरिस में गोल्ड की उम्मीद
- क्षेत्र के लोगों ने जीत के लिए मांगी दुआ, कोच ने कहा, अभ्यास के दौरान कर रहे अच्छा प्रदर्शन
जेवर (संवाद)। जेवर के छोटे से गांव गोविंद गढ़ से निकलकर पेरिस में चल रहे पैरालंपिक ऊंची कूद टी 64 स्पर्धा में हिस्सा लेने वाले प्रवीण कुमार ने इस बार देश के लोग गोल्ड की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनकी जीत के लिए क्षेत्र के लोगों ने दुआ मांगी। पिछली बार प्रवीण ने टोक्यो पैरालंपिक में 2.07 मीटर की छलांग लगाकर नए एशियाई रिकार्ड के साथ रजत पदक जीता था।
प्रवीण कुमार के कोच सतपाल सिंह ने पेरिस से फोन पर अमर उजाला से वार्ता करते हुए बताया कि टोक्यो के बाद से ही पेरिस पैरालंपिक को लक्ष्य बनाकर तैयारी की है। वर्तमान में प्रवीण अभ्यास के दौरान शानदार प्रर्दशन कर रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि टोक्यो पैरालंपिक के दौरान 18 वर्ष की उम्र में प्रवीण ने पहली बार हिस्सा लिया था। लेकिन इस बार उसके लिए पुराने सभी मैचों का अनुभव भी काम आएगा।
देश को गोल्ड दिलाने का लिया था प्रण
अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित प्रवीण ने बताया कि 2021 में टोक्यो में कोरोना संक्रमण के चलते अभ्यास प्रभावित हुआ था, इसके चलते गोल्ड नही आ सका। लेकिन पेरिस पैरालंपिक में गोल्ड जीतने का प्रण लिया था। तैयारी तभी से लगातार जारी है। उसी के चलते 2023 में एशियाई खेलों में भी गोल्ड जीतने में आसानी हुई। अभी उम्र कम होने की वजह से 2036 तक प्रवीण से कम से कम 4 बार के पैरालंपिक में इसी तरह की उम्मीद रहेगी।