ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन ने इस बार तीनों विधानसभा सीटों पर 70 प्रतिशत से अधिक मतदान कराने का लक्ष्य तय किया है। इसे पूरा करने के लिए प्रशासन मतदाताओं को जागरूक कर रहा है। अपील की है कि युवा मतदाताओं को आगे आकर भागीदारी करनी चाहिए। यह गणतंत्र का महापर्व है। स्वयं संकल्प लेकर मतदान करें। हालांकि, कोविड की तीसरी लहर के बीच नियमों का पालन कराकर लक्ष्य पूरा करना आसान नहीं होगा।
जिला प्रशासन ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भी 70 प्रतिशत मतदान कराने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन 58 प्रतिशत मतदान हुआ था। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 57 प्रतिशत मतदान हुआ था। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि इस बार 70 प्रतिशत से अधिक मतदान कराने का लक्ष्य तय किया है। मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। कोविड नियमों का पालन कराया जाएगा। सभी मतदान केंद्रों पर भीड़ को संभालने के लिए एक व्यक्ति तैनात होगा। इसे क्यू मैनेजर नाम दिया गया है। यह व्यक्ति लाइन में मतदाताओं को लगाने का काम करेगा।
दिव्यांग, बुजुर्ग और कोविड मरीज को बैलेट पेपर की सुविधा
चुनाव में दिव्यांग, 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और संक्रमित मतदाताओं को बैलेट पेपर से मतदान करने की सुविधा होगी। साथ ही, बूथ पर जाकर मतदान करने का विकल्प भी होगा। जिले में 7200 से अधिक दिव्यांग और 20 हजार से अधिक बुजुर्ग मतदाता हैं। मतदान से कुछ दिन पहले बीएलओ इन मतदाताओं के पास जाएंगे। उनसे विकल्प पूछेंगे। कुल 116 टीम को लगाया गया है जो घर-घर जाकर बैलेट पेपर से मतदान कराएंगी। इसकी सूचना सभी राजनीतिक पार्टियों को भी दी जाएगी।
इस बार फूल मंडी से रवाना नहीं होंगी पोलिंग पार्टियां
जिलाधिकारी ने बताया कि चुनाव के दौरान कोविड संक्रमण का पूरा ध्यान रखा जाएगा। हर बार मतदान से एक दिन पहले पोलिंग पार्टियां रवाना होती हैं। उन्हें फेज दो स्थित फूल मंडी से रवाना किया जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। तीनों सीटों के रिटर्निंग अफसर अपने-अपने क्षेत्र से पोलिंग पार्टियों को रवाना करेंगे।
नामांकन के समय ला सकेंगे दो प्रस्तावक
भारत निर्वाचन आयोग ने कोविड के कारण नामांकन की प्रक्रिया में बदलाव किया है। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्याशी के साथ केवल दो प्रस्तावक रिटर्निंग अफसर के पास आ सकेंगे। बाकी को बाहर रोका जाएगा। ऑनलाइन नामांकन करने की भी व्यवस्था होगी। इस संबंध में सभी राजनीतिक पार्टियों को अवगत करा दिया गया है। अगर किसी प्रत्याशी का आपराधिक रिकॉर्ड है तो पार्टी को प्रत्याशी बनाने का कारण बताना होगा।