नूंह। जिले में यातायात को सुगम बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने 3 मार्गों के फोरलेन बनाने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की है। लंबे समय से जिले के स्टेट हाईवे में नूंह से पलवल, नगीना से होडल व होडल से बिलासपुर चौक वाया नूंह तावडू को फोरलेन बनाने की मांग की जा रही थी। इन मार्गों के चौड़ीकरण के लिए नूंह विधायक आफताब अहमद ने भी अपने स्तर पर काफी प्रयास कर विभाग को चिट्ठी लिखी थी। नगीना से होडल रोड की लंबाई 40 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर लगभग 150 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है।
होडल से बिलासपुर चौक वाया नूंह तावडू मार्ग की लंबाई 71 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर लगभग 600 करोड़ के बजट बनाया है। इसी मार्ग पर ही नूंह में दो किलोमीटर का एलिवेटेड फ्लाईओवर भी बनाया जाएगा। इससे जिला मुख्यालय पर यातायात किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं होगा। इसके अलावा जिला मुख्यालय नूंह से पड़ोस के पलवल जिले को जाने वाले मार्ग को भी फोरलेन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 30 किलोमीटर के इस मार्ग पर लगभग 130 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। इन मार्गों के बनने से निश्चित तौर पर जिले के विकास को गति मिलेगी। विभाग द्वारा मार्गों के बनाने के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया था जिसे सैद्धांतिक मंजूरी मिली है।
यातायात होगा सुगम
जिले के ये तीन मुख्य मार्ग काफी समय पूर्व फोरलेन बन जाने थे, लेकिन देर से सही अब एक बार इनके सरकार द्वारा सैद्धांतिक मंजूरी से बड़ी उम्मीद जगी है इनके बनने से न केवल जिले में यातायात सुगम होगा बल्कि लोग आर्थिक रूप से भी मजबूत बनेंगे। विधायक आफताब अहमद ने कहा कि मार्गों के बनने से निश्चित ही जिलेवासियों को राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री की भी है घोषणा
नूंह के पूर्व विधायक भाजपा नेता जािकर हुसैन ने फिरोजपुर झिरका की महुं चोपड़ा रैली में होडल से रेवाड़ी वाया नूंह तावडू मार्ग को फोरलेन बनाने की मांग रखी थी। सीएम ने इसके बाद पूर्व की योजना के अनुसार इसकी घोषणा की थी। इन मार्गों से पहले सरकार द्वारा नूंह से अलवर मार्ग को फोरलेन बनाने की तैयारी की जा रही है। इस मार्ग के डीपीआर बनाने का टेंडर प्राप्त हो चुका है और जल्द ही सर्वे का कार्य चालू होगा। इसके बाद इस मार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यकारी अभियंता शमसेर सिंह ने बताया कि सैद्धांतिक मंजूरी के बाद डीपीआर रिपोर्ट तैयार करने के लिए बजट अनुमान एचएसआरडीसी (हरियाणा राज्य एवं सड़क एवं पुल विकास निगम) के माध्यम से जल्द ही सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद आगामी प्रक्रिया होगी।