नोएडा सेक्टर-34 स्थित नारी निकेतन में सोमवार रात 15 दिनों में चौथी महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का खुलासा होगा।
सेक्टर-24 पुलिस के मुताबिक, नारी निकेतन में मानसिक रूप से कमजोर और बुजुर्ग महिलाएं रहती हैं। जिला प्रशासन की तरफ से इनकी देखरेख की जाती है। सोमवार रात रूबी (30) को दो वार्डन ने गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसकी मौत हो गई। इससे पहले 30 दिसंबर को प्रियंका (25) की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। 23 दिसंबर को आराधना (55) और 20 दिसंबर को सुनीता (45) की मौत हुई थी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी अतुल सोनी का कहना है कि नारी निकेतन में जिला प्रशासन की तरफ से हर संभव व्यवस्था की जा रही है, लेकिन अस्वस्थता और हार्ट अटैक के कारण मौत की घटनाएं हुई हैं। यहां 125 से अधिक महिलाएं रह रही हैं। इनमें से 35 महिलाएं अधिक लाचार हैं।
एक चौथाई स्टाफ से चल रहा काम
पहले नारी निकेतन का संचालन एक संस्था की तरफ से किया जा रहा था। फिलहाल जिला प्रशासन की तरफ से कामकाज संभाला जा रह है। मानकों के मुताबिक यहां 48 स्टाफ होना चाहिए, लेकिन अभी करीब 12 स्टाफ है। कर्मियों की कमी से भी यहां परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।
लगता रहा है अव्यवस्था का आरोप
नारी निकेतन में अव्यवस्था के भी आरोप लगते रहे हैं। आरोप है कि शासन की तरफ से जितना फंड दिया जाता है, उसके मुताबिक खर्च नहीं किया जाता या उस तरह से बेहतर व्यवस्था नहीं की जाती। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि हर वक्त इन महिलाओं की देखरेख के लिए अलर्ट रहना पड़ता है। कोई कहीं से बाहर न निकल जाए, गिर न जाए या कब क्या कर ले, यह सब देखना पड़ता है। मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाएं किसी कर्मचारी की सुनती नहीं हैं।
कब किसकी हुई मौत
20 दिसंबर - 45 वर्षीय सुनीता
23 दिसंबर - 55 वर्षीय आराधना
30 दिसंबर - 25 वर्षीय प्रियंका
03 जनवरी - 30 वर्षीय रूबी