नोएडा। ट्विन टावर को ध्वस्त किए जाने से पहले दस अप्रैल को पांच पिलर विस्फोटक लगाकर उड़ाए जाएंगे। इनमें से चार पिलर बेसमेंट और एक पिलर 14वीं पर है। इन पिलरों को कंट्रोल ब्लास्ट से ही ढहाया जाएगा। यह ट्विन टावर ध्वस्त करने से पहले एक ट्रायल मात्र है। ट्रायल के बाद यह बात साफ हो जाएगी कि ट्विन टावर को ध्वस्त करने में कुल कितने किलोग्राम विस्फोटक की आवश्यकता होगी।
बुधवार सुबह आगरा से आए एक्सप्लोसिव डिपार्टमेंट के ज्वाइंट चीफ कंट्रोलर वीके मिश्रा सेक्टर-93ए में एमराल्ड कोर्ट स्थित ट्विन टावर परिसर में पहुंचे। उनके साथ नोएडा कमिश्नरेट पुलिस से डीसीपी यातायात और डीसीपी हेडक्वार्टर भी मौजूद थे। यहां उन्होंने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने वाली मुंबई की एडिफिस कंपनी के पार्टनर उत्कर्ष मेहता से बात की और ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण पर चर्चा की। एडिफिस की सहायक कंपनी के विदेशी विशेषज्ञों ने अधिकारी को बताया कि ट्विन टावर को ध्वस्त किए जाने से पहले इसका एक ट्रायल करना होगा। यह ट्रायल पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। इसके लिए आसपास के मकान खाली कराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन विस्फोट किए जाने के दौरान ट्विन टावर के अंदर किसी व्यक्ति को जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उत्कर्ष ने बताया कि ट्रायल के लिए ट्विन टावर के सबसे मजबूत पिलरों में से पांच का चयन किया गया है। इनमें से चार पिलर इमारत के बेसमेंट में हैं, जबकि पांचवां पिलर 14वीं मंजिल पर है। इस ट्रायल के दौरान करीब दस किलोग्राम विस्फोटक की आवश्यकता होगी। एक्सप्लोसिव डिपार्टमेंट के ज्वाइंट चीफ कंट्रोलर ने 10 अप्रैल को यह ट्रायल करने की अनुमति दे दी है।
ट्रायल के बाद खरीदा जाएगा विस्फोटक
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ट्विन टावर को ध्वस्त करने की तारीख प्राधिकरण ने फिलहाल 22 मई निर्धारित कर रखी है। इस दिन दोपहर ढाई बजे कंट्रोल ब्लास्ट करके ट्विन टावर गिरा दिए जाएंगे। एडिफिस कंपनी के विशेषज्ञों ने बताया कि इससे पहले 10 अप्रैल के ट्रॉयल से यह पता चल जाएगा कि आखिर कुल कितना विस्फोटक खरीदना होगा। अभी तक विशेषज्ञों का मानना था कि करीब 2500 से 4000 किलो तक विस्फोटक यहां लग सकता है। ट्रायल के बाद निश्चित मात्रा सामने आ जाएगी। इसके बाद विस्फोटक खरीदने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके लिए नागपुर की सोलार एक्सप्लोसिव कंपनी से बात फाइनल हो चुकी है।
पलवल में रखा जाएगा विस्फोटक
एडिफिस कंपनी के विशेषज्ञ ने बताया कि ट्विन टावर से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर विस्फोटक को रखा जाएगा। इसके लिए पलवल को चुना गया है। यहां से प्रतिदिन दो वैन के माध्यम से विस्फोटक ट्विन टावर तक पहुंचाया जाएगा, जो भी विस्फोटक बचेगा, उसे दोबारा पलवल स्थित मैगजीन में ही ले जाकर रखा जाएगा।
विस्फोटक लगाने में लगेंगे 12 से 15 दिन
विशेषज्ञों ने बताया कि ट्विन टावर में विस्फोटक लगाने में 12 से 15 दिन का समय लगेगा। विस्फोटक लगाने के पहले ही दिन से इमारत को पुलिस की सुरक्षा से लैस कर दिया जाएगा। इस दौरान इमारत में सिर्फ विशेषज्ञ ही रहेंगे।
तीन कंपनियों से चल रही बीमे की बात
एडिफिस के प्रोजेक्ट हेड मयूर मेहता ने बताया कि आसपास की सोसाटियों का बीमा कंपनी की ओर से कराया जाएगा। करीब 100 करोड़ के बीमे के लिए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी और टाटा इंश्योरेंस कंपनी से बात चल रही हैं।