बिलासपुर। दनकौर के नवादा गांव निवासी 40 वर्षीय शशि की बुधवार तड़के डेंगू से मौत हो गई। उसका इलाज नोएडा के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। 12 अक्तूबर से लेकर अब तक पांचवीं मौत से गांव के लोगों में दहशत है। लोग मामूली बुखार होने पर भी पास के अस्पताल में उपचार व जांच कराने जा रहे हैं।
गांव में शशि से पहले एक छात्रा समेत चार लोगों की डेंगू से मौत हो चुकी है। छात्रा की मौत के बाद गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर लगाकर जांच की थी और डेंगू से उपाय के इंतजाम पर भी जोर दिया था। गांव में डेंगू के फैलने का कारण तलाशने के लिए सर्वे भी कराया गया। इसमें गांव से होकर गुजरने वाली नहर में जमा पानी को कारण माना गया था। इसके बाद गांव में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव भी कराया गया, लेकिन गांव की स्थिति जस की तस बनी हुई है। गांव में कई परिवार के लोग बुखार से पीड़ित हैं। शशि की मौत के बाद इन्हें भी डेंगू का डर सताने लगा है।
इनकी हो चुकी है मौत
गांव के कई परिवार नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बिलासपुर, दनकौर, दिल्ली, सिकंदराबाद, बुलंदशहर के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। 12 अक्तूबर को 12वीं की छात्रा मोनिका, 15 अक्तूबर को जग्गा जाटव (60), शीला (45) व शांति (55) की उपचार के दौरान विभिन्न अस्पतालों में मौत हो चुकी है।
जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में फैली बीमारी को लेकर गंभीर नहीं है। एक दिन कैंप लगाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां से चलती बनी। गांव में दोबारा से स्थिति बिगड़ने लगी है। गांव में जांच कैंप व एंटी लार्वा छिड़काव कराना चाहिए।
- संजय निवासी नवादा व अध्यक्ष पर्यावरण संरक्षण समिति