नोएडा। कोरोना संकट के बीच युद्धस्तर पर चले टीकाकरण अभियान की राह में भय-भ्रांति और अफवाहें अड़चन जरूर बनीं, लेकिन शहर से लेकर गांव तक चली जागरूकता की मुहिम ने अपना असर दिखाया। गौतमबुद्ध नगर कोविड टीकाकरण के मामले में प्रदेश का अव्वल जिला बना। भ्रांतियों को दूर करने में जिलेे के युवाओं ने अनूठी मिसाल पेश की। किसी ने घर-घर जाकर लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया तो किसी ने वैक्सीन को लेकर फैले अंधविश्वास को दूर करने का काम किया। पेश है ऐसे ही युवाओं पर आधारित यह रिपोर्ट ...
डरो नहीं... वैक्सीन जिंदगी बचाएगी
ग्रेनो वेस्ट की हाईराइज सोसाइटियों में काम करने वाले हजारों सुरक्षा कर्मचारियों, घरेलू सहायिकाओं, हाउस कीपिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों का टीकाकरण हमारे लिए चुनौती से कम नहीं था। अफवाहों के कारण टीकाकरण में हिचकिचाहट को दूर करने के लिए नुक्कड़ नाटक और काउंसलिंग सेशन किए। घर-घर जाकर लोगों को बताया कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। इससे डरो नहीं, वैक्सीन जिंदगी बचाएगी। अब बच्चों और बुजुर्गों का टीकाकरण बढ़ाने के लिए जागरूक कर रहा हूं। - राहुल गर्ग, उपाध्यक्ष, नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ओनर्स एसोसिएशन
गांवों में चलाया जागरूकता अभियान
कोरोना की पहली और दूसरी लहर में वैक्सीन नहीं आई थी, लेकिन लोगों को कोविड नियमों का पालन करने के लिए जागरूकता अभियान जारी रखा। दूसरी लहर के बाद वैक्सीन आई, लेकिन लोग इसे लगवाने में हिचकिचा रहे थे। गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया और 555 लोगों का टीकाकरण कराया। वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और सभी को इसे लगवाना चाहिए। - भूपेंद्र सिंह, समाजसेवी, ग्रेनो
24 गांवों में लगवाए शिविर
वैक्सीन को लेकर फैली भ्रांतियों की वजह से गांवों में लोग टीकाकरण से बच रहे थे। उस समय गांव के प्रमुख लोगों को जागरूक कर सबसे पहले उन्हें टीका लगवाया। इससे ग्रामीणाें में वैक्सीन के प्रति विश्वास बढ़ा। जागरूकता की मुहिम को जारी रखा। इस तरह 24 गांवों में शिविर लगवाकर हजारों लोगों को वैक्सीन लगवाने का काम किया। - संजय नवादा, अध्यक्ष, पर्यावरण संरक्षण समिति, दनकौर
...ताकि शिक्षा पर न लगे संक्रमण का ग्रहण
दो साल तक कोरोना के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित रही। संक्रमण का ग्रहण फिर से शिक्षा पर न लगे, इसके लिए जागरूकता की मुहिम छेड़ दी। स्लम और ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण काफी सुस्त रफ्तार से चल रहा था। अपने साथ 50 वॉलेंटियरों को जोड़कर गांव और स्लम क्षेत्र में टीकाकरण अभियान चलाया। स्वास्थ्य विभाग से भी सहयोग मिला। इस वर्ष अप्रैल से जून तक 3500 से ज्यादा बच्चों को टीका लगवा चुकी हूं। वैक्सीन से छूटे बच्चों के अलावा बुजुर्गों से संपर्क कर उन्हें प्रेरित कर रही हूं। - सीमा रावत, उपाध्यक्ष, लायंस क्लब एलिड नोएडा
पर्यावरण के साथ जिंदगी बचाने की मुहिम
पर्यावरण संरक्षण के लिए पहले से ही काम कर रहा हूं। कोरोना काल में टीकाकरण को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने की मुहिम भी छेड़ दी। वैक्सीन की वजह से ही कोरोना के कहर को कम किया जा सका है। सोशल मीडिया के जरिये लगातार युवाओं और किशोरों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया। गांव-गांव जाकर भी लोगों को जागरूक किया। - रामवीर तंवर, ग्रेटर नोएडा