ग्रेटर नोएडा। किसान एकता संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को तुगलपुर स्थित नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) का घेराव किया और गेट पर ताला जड़ दिया। किसान बिजली चोरी के झूठे मुकदमों को वापस लेने और 24 घंटे आपूर्ति की मांग कर रहे हैं। एनपीसीएल के अफसरों के साथ वार्ता विफल होने पर किसानों ने मांग पूरी होने तक कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान सुबह दस बजे एनपीसीएल कार्यालय पहुंचे। यहां मुख्य गेट पर ताला लगाकर धरना शुरू कर दिया।
सोरन प्रधान ने बताया कि कंपनी किसानों पर बिजली चोरी के झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है। ट्यूबवेल पर बिजली मीटर लगा दिए गए हैं, जो गलत है। ग्रामीण क्षेत्र में 24 घंटे आपूर्ति नहीं दी जा रही है। उन्होंने मांग की कि झूठे मुकदमों को वापस लिया जाए और ट्यूबवेलों से मीटर को हटाया जाए। दोपहर दो बजे एनपीसीएल के अफसर किसानों से वार्ता करने पहुंचे, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। इसके बाद किसानों ने कंपनी के गेट पर टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है, जो रात जारी रहा। मौके पर बाली सिंह, गीता भाटी, देशराज नागर, अखिलेश प्रधान, सतीश कनारसी समेत अन्य बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसानों ने एनटीपीसी का गेट बंद कर दिया धरना
भारतीय किसान यूनियन अंबावता और उम्मीद सेवा समिति के बैनर तले दादरी तहसील परिसर में 58 दिनों से धरनारत किसानों ने सोमवार को राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड (एनटीपीसी) का गेट बंद कर दिया। इससे पहले किसान ट्रैक्टर ट्रॉली और पैदल मार्च करते हुए एनटीपीसी के गेट पर पहुंचे। यहां कई घंटों तक धरना दिया। इसके बाद हरकत में आए अधिकारियों ने किसानों के साथ वार्ता की और मांगों को निस्तारित करने के 15 जनवरी तक का समय मांगा। इसके बाद किसान तहसील में लौट आए।
किसानों ने बताया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती, तब तक तहसील में धरना जारी रहेगा।
किसान नेता राजकुमार ने बताया कि शाम चार बजे किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एनटीपीसी का गेट बंद कर धरना शुरू किया। एनटीपीसी प्रबंधन ने लिखित में 15 जनवरी तक समय मांगा है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से वार्ता कर समस्याओं का हल निकालने का आश्वासन भी दिया है। वहीं, एनटीपीसी जनसंपर्क अधिकारी पंकज सक्सेना ने बताया कि किसानों से बातचीत में यह निर्णय लिया गया है कि समस्याओं के संबंध में आला अधिकारियों से वार्ता की जाएगी और 15 जनवरी तक निस्तारण का प्रयास किया जाएगा। मौके पर शिवकरण, मनिंदर, पीतांबर शर्मा, मनवीर भाटी, नरेश समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।