नोएडा। विद्युत नियामक आयोग के आदेश पर बिल्डर सोसाइटियों में मल्टीप्वाइंट कनेक्शन देने की योजना लगभग फ्लॉप हो गई है। योजना के तहत 142 सोसाइटियों में कनेक्शन दिए जाने थे, लेकिन मात्र 5 सोसाइटियों में ही शुरुआत हो सकी है। ऐसे में ढांचा तैयार करने वाली कंपनी ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं और निगम को पत्र लिखकर दूसरी सोसाइटियों में ढांचा बनाने से इनकार कर दिया है। वहीं, निवासियों ने भी इस योजना के प्रति कोई रुझान नहीं दिखाया। बता दें कि विद्युत निगम ने बिल्डर सोसाइटियों में मल्टीप्वाइंट कनेक्शन देने के लिए रेडियस कंपनी को चुना था। कंपनी की ओर से कई सोसाइटियों में काम शुरू कर दिया गया।
कंपनी का कहना है कि एक सोसाइटी में ढांचा तैयार करने पर लाखों रुपये का खर्च आ रहा है। जबकि ,कनेक्शन लेने वालों की संख्या बेहद कम है। इससे खर्च भी नहीं निकल पा रहा है। ऐसे में कंपनी ने निगम के अधिकारियों को पत्र लिखकर साफ कर दिया है कि वह नई सोसाइटियों में अभी काम शुरू नहीं कर पाएगी। विद्युत निगम के अधिकारियों की माने तो एक सोसाइटी में ढांचा तैयार करने में 70 से 80 लाख रुपये तक खर्च आ रहा है। जबकि कनेक्शन लेने वाले मात्र 100 से 150 लोग ही हैं। जब तक सभी लोग कनेक्शन नहीं लेंगे, तब तक कंपनी का खर्च नहीं निकल पाएगा। पहले जिन सोसाइटियों में काम हुआ है, वहां पर सभी लोग कनेक्शन लेंगे, तभी काम आगे बढ़ाया जाएगा।
इस कारण नहीं ले रहे लोग नए कनेक्शन
निवासियों का कहना है कि पहले 30 से 35 हजार रुपये बिल्डर को देकर कनेक्शन लिए थे। अब फिर से निगम को 20700 रुपये देने हैं। कोरोना के कारण पहले ही आर्थिक स्थिति खराब है। ऐसे में नया बोझ नहीं झेल सकते हैं। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि बिजली संबंधी समस्या होने पर बिल्डर से लड़-भिड़कर समाधान करा लेते हैं, लेकिन निगम के अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यशैली पर कम भरोसा है। लोगों को डर है कि यदि भविष्य में कोई समस्या होती है तो समाधान के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। वहीं, मुख्य अभियंता वीएन सिंह का कहना है कि निगम की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि अधिक से अधिक लोगों को कनेक्शन लेने के लिए राजी किया जाए। कंपनी से भी बात चल रही है कि वह नई सोसाइटियों में ढांचा तैयार करे। फिलहाल योजना पर काम रुका है।