मेट्रो : खर्च में होगी कटौती, बदलेगा स्टेशनों का डिजाइन
सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो परियोजना के स्टेशनों का साइज होगा छोटा
11.5 किमी होगी कॉरिडोर की लंबाई
08 होगी मेट्रो स्टेशनों की संख्या
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। एक्वा लाइन के सेक्टर-142 से ब्लू और मजेंटा लाइन के बॉटेनिकल गार्डन को जोड़ने वाली मेट्रो परियोजना के खर्च में कटौती की जाएगी। लागत कम करने के लिए 11.5 किमी. लंबी लाइन के प्रस्तावित आठ स्टेशनों का साइज छोटा होगा और डिजाइन भी अलग होगा। दिल्ली मेट्रो रेल निगम इस परियोजना की संशोधित डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रहा है।
प्रस्तावित मेट्रो परियोजना पर 1800 से 2000 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, जिस तरह ग्रेनो वेस्ट को जोड़ने वाली सेक्टर-51 से ग्रेनो के नॉलेज पार्क-पांच परियोजना के खर्च में 484.51 करोड़ की कटौती की गई है। उसी तरह अब सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन रूट पर बनने वाली लाइन के आठ स्टेशनों के डिजाइन में बदलाव कर परियोजना के खर्च में कटौती की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि संशोधित डीपीआर तैयार होने के बाद ही परियोजना की सही लागत का पता लगेगा। प्रस्तावित मेट्रो लाइन के तहत आठ स्टेशन बनाए जाने हैं। जिनमें, सेक्टर-38ए, सेक्टर-44, सेक्टर-96, सेक्टर-97, सेक्टर-105, सेक्टर-108, सेक्टर-93 और सेक्टर-91 का नाम शामिल हैं। स्टेशनों की लोकेशन डीपीआर आने के बाद ही पता चलेगी। ग्रेनो वेस्ट के साथ सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो परियोजना के तहत बनने वाले स्टेशन दो तरीके से बनाए जाएंगे।
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कुछ ऐसा होगा स्टेशनों डिजाइन
आमतौर पर मेट्रो स्टेशनों के भूतल पर व्यावसायिक एरिया होता है। यात्री सीढि़यों, लिफ्ट और एस्केलेटर का प्रयोग कर पहली मंजिल पर कॉनकोर्स एरिया में पहुंचते हैं और टिकट व सुरक्षा जांच के बाद फिर सीढिय़ों व एस्केलेटर के जरिये प्लेटफॉर्म पर पहुंचकर मेट्रो से सफर करते हैं। एनएमआरसी की तरफ से परियोजनाओं की लागत में कमी के लिए स्टेशनों का डिजाइन बदलवाया जा रहा है। नए स्टेशनों में पहला तल नहीं होगा। यात्री भूतल से ही टिकट लेने और सुरक्षा जांच के बाद लिफ्ट, एस्केलेटर या फिर सीढिय़ों के जरिय सीधे प्लेटफॉर्म पर जा सकेंगे। इसके लिए स्टेशनों की ऊंचाई में एक से दो मीटर की कमी करने का प्रस्ताव भी है। ऐसा करने से स्टेशनों के निर्माण पर होने वाले खर्च में 40 प्रतिशत तक की कटौती होगी।
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परियोजना में अभी कई औपचारिकताएं
सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन के बीच प्रस्तावित लाइन की डीपीआर नोएडा मेट्रो रेल निगम और नोएडा व ग्रेनो प्राधिकरण बोर्ड में मंजूरी के लिए भेजी जाएगी। इसके बाद शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद परियोजना पर काम शुरू होगा। इस पूरी प्रक्रिया में डेढ़ से दो साल का समय लग सकता है।
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इन सेक्टरों और गांवों को फायदा
सेक्टर-132, 131, 93ए, 105, 98, 104, 96, 44, 99, 124, 125, 94ए, 127, 126 और 128।
गांव : सुल्तानपुर, असगरपुर जागीर, बाजीपुर, नागला नागली, चक बसंतपुर, बसंतपुर बांगर, नगली बहरामपुर।
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1.50 से ज्यादा होगी राइडरशिप
एक्सप्रेसवे के साथ बनने वाली करीब 11.5 किमी लंबी प्रस्तावित मेट्रो लाइन पर जब पांच स्टेशनों का प्रस्ताव था तब इसकी राइडरशिप रोजाना 1.25 लाख आंकी गई थी, लेकिन अब स्टेशनों की संख्या आठ होगी। ऐसे में यह आंकड़ा 1.50 लाख से अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है।