9 जुलाई को संज्ञान पर आदेश सुना सकती है अदालत
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृहस्पतिवार को आबकारी नीति से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विनोद चौहान और आशीष माथुर के खिलाफ दायर पूरक आरोपपत्र पर संज्ञान लेने पर आदेश सुरक्षित रख लिया। अदालत 9 जुलाई को संज्ञान पर आदेश सुना सकती है। वहीं, अरविंद केजरीवाल और आप के खिलाफ दायर एक पूरक आरोप पत्र भी संज्ञान के बिंदु पर सूचीबद्ध है।
विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने ईडी के विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) एनके मत्ता और जांच अधिकारी की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया। ईडी ने आरोप लगाया कि विनोद हवाला डीलरों के माध्यम से चनप्रीत सिंह को पैसे भेजने में शामिल थे। इसके अलावा विनोद के पास से 1.06 रुपये करोड़ रुपये भी बरामद किए गए। ईडी के एसपीपी ने प्रस्तुत किया कि एजेंसी ने अपराध की आय के धन के लेन-देन का पता लगाया, जिसका इस्तेमाल आप गोवा विधानसभा चुनावों के वित्तपोषण के लिए किया गया था। आरोप है कि साउथ ग्रुप के अभिषेक बोइनपल्ली ने कथित तौर पर अशोक कौशिक को दो बैगों में भरकर नकदी दी, जिन्होंने उन्हें चौहान को दे दिया। आठवीं अनुपूरक चार्जशीट में चौहान के साथ नामित आशीष माथुर ने कथित तौर पर चौहान की ओर से यह पैसा लिया और इसे विभिन्न आंगड़ियों को दे दिया, जिन्होंने इसे सह-अभियुक्त चनप्रीत को हस्तांतरित कर दिया। फिर इस पैसे का इस्तेमाल गोवा चुनाव में किया गया। 28 जून को प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को उत्पाद शुल्क नीति मामले के संबंध में एक पूरक अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दायर की। विनोद के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है, जिन पर दिल्ली की उत्पाद शुल्क नीति से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में आम आदमी पार्टी द्वारा कथित तौर पर हवाला के जरिए प्राप्त रिश्वत को स्थानांतरित करने का आरोप है। विनोद कथित तौर पर अरविंद केजरीवाल के संपर्क में थे। उन्हें ईडी ने 3 मई को गोवा के ईडी जोनल ऑफिस से गिरफ्तार किया गया था।