छह माह बाद भी जूते-मोजे के इंतजार में 22 हजार छात्र
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बेसिक स्कूलों के 22 हजार छात्र छह माह बाद भी ड्रेस, बैग, जूते व अन्य सामग्री मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अभिभावकों को अब तक सामग्री खरीदने के लिए 1200 रुपये नहीं मिले हैं। छात्र नई ड्रेस का इंतजार कर रहे हैं। नए सत्र को शुरू हुए छह माह से अधिक का समय हो गया है, लेकिन शासन से धनराशि छात्रों को अभी तक नहीं मिली है। जबकि बेसिक शिक्षा परिषद ने दावा किया था कि नए सत्र के शुरू होेते ही सभी छात्रों के अभिभावकों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से धनराशि भेज दी जाएगी। वहीं अब गुलाबी ठंड ने भी दस्तक दे दी है। ऐसे में छात्रों के पास स्वेटर, जूते मोजे तक नहीं हैं।
विभाग से मिली सूचना के अनुसार, चारों ब्लॉक के छात्रों के अभिभावकों के आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज का सत्यापन कर दिया गया है। बैच बनाकर शासन को भेज दिया गया है। करीब 5 हजार नए छात्रों का सत्यापन का कार्य चल रहा है। सत्यापन होने के बाद बचे हुए छात्रों का भी बैच बना दिया जाएगा। ब्लॉक संसाधन केंद्र पर आधार कार्ड बनाने के लिए मशीन शासन की ओर से उपलब्ध कराई गई है। इसके बाद भी करीब 2 हजार छात्रों का आधार कार्ड तक बन नहीं पाया है। हाल ही में दनकौर ब्लॉक संसाधन केंद्र पर बाहरी लोग के आधार कार्ड बनने का मामला सामने आया था, लेकिन उसके बाद भी विभाग की ओर से संबंधित के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिषदीय स्कूलों के छात्रों के हिसाब से सर्दी का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन अभिभावकों के खातों में 1200 रुपये नहीं आने के कारण वह बिना स्वेटर, जूते, मोजे के स्कूल पहुंच रहे हैं। कई स्कूलों में करीब 20 से 35 प्रतिशत छात्रों के पास स्कूल की ड्रेस तक नहीं है।
पिछले सत्र में छह हजार छात्र रह गए थे वंचित
पिछले सत्र में करीब छह हजार छात्रों ने बिना जूते मोजे के सर्दी काट ली थी। विभाग की ओर से दावा किया जा रहा था कि एक भी छात्र योजना से वंचित नहीं होगा, लेकिन विभाग के दावे की पोल बिना जूते मोजे स्कूल पहुंचे छात्रों ने खोल दी थी। पिछले सत्र से विभाग ने सबक नहीं लिया है। सर्दी आने वाली है और 22 हजार छात्र अभी तक योजना से वंचित हैं।
अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ड्रेस, बैग, जूते-मोजे के लिए 1200 रुपये पहुंच रहे हैं। नए छात्रों का सत्यापन चल रहा है। सत्यापन होने के बाद छात्रों का बैच बनाकर विभाग को भेजा जाएगा। इस सप्ताह तक सभी छात्रों के अभिभावकों के खातों में 1200 रुपये पहुंच जाएंगे। -राहुल पंवार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी