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Noida News: 18 माह बाद भी मांगों पर नहीं हुआ काम, निवासियों ने किया प्रदर्शन

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ग्रेनो वेस्ट की इरोस संपूर्णम सोसाइटी के निवासी मांग पूरी नहीं होने से परेशान
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की इरोस संपूर्णम सोसाइटी के निवासियों ने रविवार को बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया। आरोप है कि 18 माह बीत जाने के बाद भी बिल्डर ने 27 मांगों पर काम नहीं किया। आज भी सोसाइटी में समस्याएं जस की तस हैं। बिल्डर से समस्याओं का समाधान करने की मांग कर रहे है, लेकिन केवल आश्वासन मिल रहा है। आरोप लगाया है कि क्लब हाउस की सदस्यता के नाम पर अब डेढ़ लाख रुपये मांगे जा रहे हैं जबकि यह सुविधा फ्लैट के भुगतान में शामिल थी। इससे निवासियों में रोष बढ़ गया हैं।

निवासियों ने बताया कि सोसाइटी में लगभग 1500 परिवार रहते हैं। करीब सात वर्ष पहले बिल्डर ने खरीदारों को कब्जा दिया था। तभी से सोसाइटी में लीकेज और सीपेज की समस्या बनी हुई है। हर दो से तीन वर्ष के अंदर बिल्डिंग की मरम्मत होनी जरूरी है, लेकिन बिल्डर ने मरम्मत का काम भी नहीं कराया है। लिफ्ट की स्थिति भी लगातार खराब हो रही हैं। इसके अलावा भी कई तरह की समस्याओं से निवासी परेशान है। एओए के अध्यक्ष दीपांकर कुमार ने बताया कि करीब 18 माह पहले 27 मांगों को लेकर निवासियों ने प्रदर्शन किया था। तब बिल्डर ने जीएम कॉमर्शियल के हस्ताक्षर से लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन तब से अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है।
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आरोप है कि वर्ष 2023 में मेंटेनेंस एजेंसी के चयन का टेंडर निकाला गया। तब मेंटेनेंस एजेंसी का चयन निर्धारित से भी कम पर दर पर हुआ था। बिल्डर हैंडओवर देने को भी तैयार नहीं है। जीएम ने मेंटेनेंस बढ़ाने का नोटिस जारी किया है। वहीं, क्लब की सदस्यता के नाम पर डेढ़ लाख रुपये मांगे जा रहे है जबकि बुकिंग के समय क्लब की सुविधा फ्लैट के साथ दी गई थी। निवासियों ने बिल्डर पर शोषण करने का आरोप लगाया हैं और प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उपाध्यक्ष नवनीत जुनेजा, भागीरथ, दुर्गेश खंडेलवाल, बीरेंद्र सिंह चौहान, जगजीवन राम, पंकज झा, प्रेम पटेल, रितेश सिंह, अमित यादव, सुरेश मौर्य, सुधीर सिन्हा, राजर्षि, यशपाल सिंह भंडारी आदि निवासी शामिल रहें।
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सोसाइटी के काफी निवासियों ने लंबे समय से मेंटेनेंस शुल्क जमा नहीं किया है। उनको बकाया जमा करने को बोला गया है। फंड की कमी के कारण रखरखाव करने व बेहतर सुविधा देने में दिक्कतें आ रही हैं। वर्तमान मेंटेनेंस शुल्क की दर में सेवा देना मुश्किल है। वर्ष 2017 से अब तक कोई वृद्धि नहीं की गई है। इस कारण शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया गया। -दीपक गुप्ता, जीएम मेंटेनेंस इरोस संपूर्णम सोसाइटी

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