ग्रेटर नोएडा। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसीसी) के निर्माण में मात्र 1150 वर्गमीटर जमीन गले की फांस बनी है। इस कारण काम समय पर पूरा नहीं हो सका। इस जमीन पर हाईकोर्ट का यथास्थिति का आदेश है। इससे प्रोजेक्ट को पूरा करने के निर्धारित समय बदलना पड़ा है। पहले मार्च, फिर जून और अब दिसंबर तक का लक्ष्य तय किया गया है। हालांकि, प्रोजेक्ट का निर्माण तब भी हाईकोर्ट के फैसले पर ही निर्भर होगा।
जिले में डीएफसीसी के ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर का निर्माण चल रहा है। केंद्र सरकार जल्द परियोजनाओं को पूरा कराने का प्रयास कर रही है। जिले में वेस्टर्न कॉरिडोर का निर्माण दिसंबर, 2021 तक और ईस्टर्न कॉरिडोर का निर्माण मार्च, 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है, लेकिन ईस्टर्न कॉरिडोर पूरा नहीं हो सका है। इसकी मुख्य वजह कुछ गांवों में जमीन पर कब्जा नहीं मिलना है।
बोड़ाकी में 550 वर्गमीटर, हजरतपुर और रिठौरी में 300-300 वर्गमीटर भूमि पर कब्जा नहीं मिला है। इस जमीन का मामला हाईकोर्ट में है। हाईकोर्ट ने यथास्थिति का आदेश दिया हुआ है। इस कारण कॉरिडोर का 250 मीटर का हिस्सा अभी अधूरा है। कोरोना और जमीन नहीं मिलने से प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य जून, 2021 कर दिया गया, लेकिन अब भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं है। डीएफसीसी के अफसरों का कहना है कि अब दिसंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। वह भी जमीन मिलने पर निर्भर होगा।
30 जून तक दिलाना होगा कब्जा
ईस्टर्न कॉरिडोर का कुछ हिस्सा जमालपुर और बोड़ाकी में भी है। यहां पर कुछ जमीन पर कब्जा नहीं मिल पा रहा है। जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। हाल ही में मेरठ मंडलायुक्त ने पुलिस और जिला प्रशासन को 30 जून तक हर हाल में जमीन पर कब्जा दिलाने का आदेश दिया है। वहीं, जिले में ईस्टर्न कॉरिडोर पर आठ रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) बन रहे हैं। काम तेजी से चल रहा है। आरओबी के संपर्क मार्ग की जिम्मेदारी सेतु निगम पर है। सेतु निगम के प्रस्ताव पर जिला प्रशासन ने अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। करीब सवा चार हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। अधिग्रहण की प्रक्रिया दिसंबर तक पूरी होगी। इसके बाद संपर्क मार्ग बनाने का काम चलेगा। इसमें भी छह से सात माह लगेंगे। इन संपर्क मार्गों से ग्रेटर नोएडा से दादरी के बीच आवाजाही आसान हो जाएगी।
आरओबी के संपर्क मार्गों की जमीन का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया दिसंबर तक चलेगी। अगले सप्ताह भी अधिग्रहण के संबंध में बैठक होनी है।
- बलराम सिंह, अपर जिलाधिकारी (भू-आधिपत्य)
जमीन पर कब्जा नहीं मिलने और कोरोना के कारण प्रोजेक्ट का काम समय पर पूरा नहीं हो सका है। इस कारण समयसीमा में विस्तार किया गया है।
- अखिलेश कुमार, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर (डीएफसीसी)