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नौ महीने पहले बना था ई-श्रम कार्ड, खाते में एक रुपया भी नहीं आया

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नोएडा। जिले में कुल 5.50 लाख लोगों के ई-श्रम कार्ड बनाए जा चुके हैं, लेकिन इसका लाभ कुछ ही श्रमिकों को मिल रहा है। इनका कहना है कि कार्ड तो बन गए हैं, लेकिन आर्थिक मदद नहीं मिल रही है। इस संबंध में जब विभाग जाकर पता करते हैं तो अधिकारी जल्द खाते में पैसे आने की बात कहकर लौटा देते हैं। कई बार विभाग के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। मजदूरी करने वाले बिजेंद्र सिंह बताते हैं कि 9 महीने पहले ई-श्रम कार्ड बना था, लेकिन अब तक उनके खाते में एक रुपया भी नहीं आया है।
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बिजेंद्र ने बताया कि कार्यालय जाते हैं तो कहा जाता है कि जल्द पैसे आ जाएंगे, आप समय बर्बाद करने ऑफिस न आएं। हमारे पास अन्य काम भी होते हैं। बिजेंद्र का कहना है कि जब अधिकारी सहायता नहीं करेंगे तो अपेक्षा किससे करूं। मजदूरी करने वाले तेजवीर बताते हैं कि विभाग दुर्घटना बीमा का दावा करता है, लेकिन जब कार्यालय पहुंचा तो कहा गया कि मैं इसका पात्र नहीं हूं। जब मैंने ई-श्रम कार्ड के अंतर्गत आने वाली दुर्घटना बीमा की पात्रता के बारे में पूछा तो दूसरे काउंटर भेज दिया गया। दूसरे काउंटर पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। मजदूर संजय बताते हैं कि कार्ड बने कुछ समय हो चुका है पर अब तक खाते में कुछ नहीं आया। संजय ने बताया कि विभाग के चक्कर लगाकर थक चुका हूं, लेकिन मदद नहीं मिली। यही हाल कई मजदूरों का है।
ये लोग बनवा सकते हैं
ई-श्रम कार्ड कोई भी असंगठित क्षेत्र से जुड़ा मजदूर बनवा सकता है। कार्ड की पात्रता में शामिल लोगों में सफाई कर्मचारी, गार्ड, ब्यूटी पार्लर वर्कर, वेल्डिंग वर्कर, मजदूर, मछुआरा, रिक्शा चालक, चाय वाला, नाई, मोची, पंचर बनाने वाला, ऑटो समेत वाहन चालक, आया आदि शामिल हैं। ई-श्रम कार्ड के कई फायदे हैं, लेकिन जिले में पंजीकृत श्रमिकों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
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दो लाख का दुर्घटना बीमा भी मिलता है
जिन लोगों के कार्ड बने हैं, उन्हें सरकार की तरफ से दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा भी दिया जाता है। बता दें कि राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआईसी) और कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफओ) का लाभ ले रहे लोग ई श्रम कार्ड नहीं बनवा सकते हैं। ई श्रम कार्ड बनवाने से श्रमिकों और कामगारों का रिकॉर्ड सरकार के पास आ जाता है। ऐसे में योजनाओं का लाभ सीधे इन लोगों तक पहुंचाने में आसानी होती है। 16 साल से ज्यादा और 60 साल से कम के ऐसे लोग जो असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे हैं, वो ई-श्रम कार्ड बनवा सकते हैं। सहायक श्रम उपायुक्त सुभाष यादव का कहना है कि जन श्रमिकों के कार्ड 31 अक्तूबर 2021 से पहले बने हैं, उनके खाते में पैसे जा रहे हैं। सभी के खातों में रकम नहीं जा रही है। पैसे सरकार द्वारा भेजे जाते हैं। स्थानीय स्तर पर विभाग कुछ नहीं कर सकता है। दुर्घटना बीमा का लाभ सभी को दिया जा रहा है।
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