सर्विस रोड पर चलेंगे ई-रिक्शा, रूट तैयार करने में जुटा यातायात विभाग
- जिले में 16 हजार ई-रिक्शा के लिए नहीं स्टैंड, रोड पर बन रहे जाम का कारण
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दिल्ली से सटे नोएडा की मुख्य सड़क के अलावा अंदरूनी सड़कों पर भी ई-रिक्शा चालक ट्रैफिक जाम का बड़ा कारण बन रहे हैं। इन्हें व्यवस्थित करने के लिए अब तक किए गए प्रयास नाकाफी साबित हुए हैं। नोएडा यातायात विभाग एक बार फिर ई-रिक्शा को मुख्य सड़क से दूर कर जाम की समस्या को दूर करने की पटकथा तैयार करने में जुटा हुआ है। जिससे वाहन चालकों को शहर की अंदरूनी सड़कों पर जाम से निजात दिलाई जा सके।
जिले में करीब 16 हजार से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जो विभिन्न रूटों पर संचालित हो रहे हैं। इन रिक्शा चालकों के लिए कोई स्थायी स्टैंड नहीं है। इस कारण यह सड़क किनारे बस स्टैंड व मेट्रो स्टेशन समेत भीड़भाड़ वाले बाजारों के पास सवारी के इंतजार में झुंड बनाकर खड़े हो जाते हैं। इस वजह से इन मार्गों से गुजरने वाले अन्य वाहन चालकों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। आए दिन इसकी शिकायत नोएडा यातायात विभाग को मिल रही है।
सर्विस रोड पर तैयार होगा ई-रिक्शा कॉरिडोर :
सेक्टर-15 से लेकर अट्टा पीर और अटटा चौक तक सर्विस रोड पर यातायात विभाग ई-रिक्शा कॉरिडोर तैयार करेगा। हालांकि इस दिशा में अतिक्रमण बड़ी बाधा बनकर सामने आ रही है। इस संबंध में डीसीपी यातायात का कहना है कि अतिक्रमण प्राधिकरण की मदद से हटवाया जाएगा।
यहां लगता है ई-रिक्शा का जमावड़ा और जाम :
सेक्टर-16, सेक्टर-15, सेक्टर-18, सेक्टर-59, सेक्टर-62 मेट्रो स्टेशन के नीचे, नया बांस, रजनीगंधा चौराहा, अट्टापीर, अट्टा चौक, बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर-37, सेक्टर-12-22 तिराहा, ईएसआईसी अस्पताल के सामने, खोड़ा लेबर चौक, निठारी बाजार आदि।
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नो एंट्री की व्यवस्था ध्वस्त :
शहर के सबसे बड़े बाजार अट्टा और सेक्टर-18 में सुबह आठ बजे से रात नौ बजे के बीच ई-रिक्शा, ऑटो, टैंपो आदि के आवागमन को पिछले साल प्रतिबंधित करते हुए नो एंट्री लगा दी थी। धीरे-धीरे यह व्यवस्था ध्वस्त हो गई और आए दिन बाजार में ई-रिक्शा चालकों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है।
ई-रिक्शा चालकों के लिए नया रूट सर्विस रोड पर तैयार किया जा रहा है। सेक्टर-15 से 18 तक ई-रिक्शा चालकों को सर्विस रोड पर आवागमन की अनुमति दी जाएगी। मुख्य सड़क पर पकड़े गए तो चालान के साथ ई-रिक्शा भी जब्त किए जाएंगे।
-अनिल कुमार यादव, डीसीपी ट्रैफिक नोएडा