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40 मंजिला ट्विन टावर का ड्रोन से किया सर्वे

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नोएडा। सेक्टर-93ए सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के 40 मंजिला ट्विन टावर का ड्रोन से सर्वे शुरू किया गया है। सर्वे का काम शनिवार को भी जारी रहेगा। इसमें ड्रोन से पैमाइश की जा रही है। इसकी पूरी रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद एसआईटी रिपोर्ट में इस सर्वे को भी शामिल करेगी। दरअसल, एसआईटी अध्यक्ष ने बृहस्पतिवार को टीम के साथ मौके का जायजा लिया था। यहां पर उन्होंने स्थानीय आरडब्ल्यूए से भी बातचीत की थी। बातचीत में उन्होंने उन कमियों को पूछा, जिसे कोर्ट में उठाया गया था और जिस आधार पर कोर्ट ने प्राधिकरण और बिल्डर की मिलीभगत की बात कही थी। एसआईटी भी इन्हीं बिंदुओं पर जांच कर रही है।
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सूत्रों का कहना है कि मौके पर ही जांच के दौरान यह बातें उठीं कि इसकी सही-सही पैमाइश के लिए ड्रोन से सर्वे कराना जरूरी होगा। इसके बाद एक कंपनी का चयन किया गया। इस कंपनी ने शुक्रवार को 11 बजे यह काम शुरू किया। काम शनिवार को भी चलेगा। सर्वे के बाद इसकी रिपोर्ट पेन ड्राइव से एसआईटी को भेजी जाएगी। फिर एसआईटी की ओर से प्राधिकरण से लिए गए डाटा से इसका मिलान होगा। इसके बाद ही एसआईटी अपने किसी निर्णय पर पहुुंच पाएगी। नक्शा पास करने में हुई गड़बड़ी को लेकर एसआईटी काफी गंभीर है। अगर सर्वे में नक्शे के इतर 2 से 4 प्रतिशत की भी भिन्नता मिलती है तो यह कहना काफी आसान हो जाएगा कि मामले में कहीं न कहीं कोई गड़बड़ की गई है। सीधे शब्दों में कहें तो इससे रिपोर्ट को पुख्ता बनाने में मदद मिलेगी। इसके माध्यम से सूक्ष्म तरीके से भी पैमाइश की जा सकती है।
अंतिम रिपोर्ट में लग सकता है तीन से चार दिन
सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने प्राधिकरण से पूरा डाटा लिया है। डाटा के आधार पर एसआईटी के अधिकारी अपनी-अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसमें प्राधिकरण से मिले डाटा का विस्तृत अध्ययन होगा। इसके बाद रिपोर्ट की कड़ियां जोड़ी जाएंगी। इसे कंपाइल किया जाएगा। इसमें ड्रोन की रिपोर्ट से भी मिलान किया जाएगा।
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पांच-दिन पहले भी ड्रोन से सर्वे की सूचना
आरडब्ल्यूए का कहना है कि पांच-छह दिन पहले भी ट्विन टावर का ड्रोन से सर्वे किया गया था। उस दौरान पूरे टावर सहित आसपास का विडियो भी बनाया गया था। इसका मकसद क्या था यह नहीं बताया गया, लेकिन संभावना यही जताई जा रही है कि एसआईटी को इसी माध्यम से मौके की तस्वीर दिखाई गई हो, ताकि उन्हें प्राथमिक तौर पर मामले का अंदाजा मिले।
नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक टली
प्राधिकरण की 11 सितंबर की प्रस्तावित बोर्ड बैठक टल गई है। एमराल्ड मामले की एसआईटी जांच की वजह से बोर्ड बैठक टली है। इस मामले की जांच के लिए संजीव मित्तल को एसआईटी अध्यक्ष बनाया गया है। वह नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन के साथ औद्योगिक विकास आयुक्त भी हैं। यही वजह है कि 10 सितंबर को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक भी प्रस्तावित थी, जिसे टाल दिया गया।
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