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50 हजार फ्लैट खरीदारों पर पड़ेगी दोहरी मार

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नोएडा। एक ओर लगभग पचास हजार फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री बिल्डर-प्राधिकरण विवाद के कारण फंसी हुई है, दूसरी ओर अब जिला प्रशासन सर्किल रेट में 40 से 87 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी करने जा रहा है। ऐसे में फ्लैट खरीदारों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। नोएडा फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (नोफा) ने अब इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना को पत्र लिखकर, ट्वीट कर और व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया।
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संस्था ने मंत्री से अनुरोध किया है कि वह गौतमबुद्ध नगर जिले की हाईराइज सोसाइटियों के मुद्दों को हल करने के लिए तत्काल बैठक बुलाएं। नोफा के अध्यक्ष राजीव सिंह ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में ऐसे कई सेक्टरों में हाईराइज सोसाइटी हैं, जहां बायर्स को फ्लैट पर कब्जा तो दे दिया गया, मगर उनकी रजिस्ट्री आज तक नहीं हुई है। बायर्स जब रजिस्ट्री के लिए बिल्डर से बात करता है तो वह प्राधिकरण द्वारा रजिस्ट्री रोके जाने की बात बताता है। प्राधिकरण से इस बाबत बात की जाती है तो प्राधिकरण अधिकारी बिल्डर पर अपने बकाए का हवाला देते हैं।
बिल्डर और प्राधिकरण के विवाद में फ्लैट खरीदारों का नुकसान हो रहा है। एक तो उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही, अब जिला प्रशासन ने प्रस्तावित सर्किल रेट सूची जारी कर दी है। इसमें कई सेक्टरों में तो 40 से 87 फीसदी तक की वृद्धि प्रस्तावित की गई है। अगर ऐसा होता है तो नोएडा के 50 हजार उन खरीदारों की जेब पर अतिरिक्त भार पडे़गा, जो कि अभी रजिस्ट्री कराना चाहते हैं। राजीव सिंह ने कहा कि इस मामले में फेडरेशन जल्द ही जिला मजिस्ट्रेट के साथ-साथ तीनों प्राधिकरणों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से भी मुलाकात करेगा, जिससे जिले में प्रस्तावित सर्कल रेट वृद्धि पर उच्च वृद्धि वाले समाज के निवासियों के प्रभाव और चिंताओं को उजागर किया जा सके।
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बुनियादी सुविधाओं का है अभाव
नोफा के उपाध्यक्ष सचिन गोयल ने बताया कि गौतमबुद्धनगर पिछले कई वर्षों से बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को लेकर मुद्दों का सामना कर रहा है। स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के नाम पर सेक्टर-74, 75, 76, 77, 78, 789, 119, 120, 121 और 137 में बिल्डरों ने महंगे फ्लैट बेचे गए, मगर इंटरनल डेवलमेंट का कोई काम नहीं कराया। सड़कें उधड़ी पड़ी हैं और पार्क आज तक बन ही नहीं पाए। कई सोसाइटी के लोगों ने तो अपने फ्लैट के बाहर ‘कोई हमारी मदद करो’ के बैनर तक लगा दिए हैं। बिल्डर्स किसी की नहीं सुन रहे हैं और सोसायटी में बड़े पैमाने पर अधूरे काम रह गए हैं। घर खरीदारों की परेशानी कभी खत्म नहीं हो रही है।
सर्किल रेट का भार सहना होगा मुश्किल
नोफा के महासचिव राजेश सहाय बताते हैं कि फेडरेशन में 71 से अधिक हाईराइज सोसाइटी के लगभग 50 हजार खरीदार शामिल हैं। ज्यादातर की रजिस्ट्री अभी तक नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित सर्किल रेट का भार सहना लोगों के लिए बहुत कठिन होगा। किसी भी हालत में इस प्रस्तावित सूची को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि बिल्डर और प्राधिकरण के बीच बकाए को लेकर चल रहे विवाद के कारण प्रदेश सरकार को भी राजस्व नहीं मिल पा रहा है।
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